
जमुई: आंगनबाड़ी केंद्रों पर हुई बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जांच
झाझा के रजला पूर्वी टोला में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 74 बच्चों का स्वास्थ्य जांच किया गया। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद ने बताया कि जांच में आंख, कान, हृदय रोग, और अन्य बीमारियों का परीक्षण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 18 वर्ष के बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करना है।
झाझा, निज प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र के रजला पूर्वी टोला में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 82 पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ संबंधी जांच की गई।बता दें कि पूर्व में भी प्रखंड के अन्य कुछ केंद्रों पर भी इसी तरह की जांच की गई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आर बी एस के टीम के द्वारा उक्त आंगनबाड़ी केंद्र के लगभग 74 बच्चो की स्वास्थ्य जांच किया गया।एक ,दो बच्चे को छोड़कर, बाकी सभी स्वस्थ पाए गए। मौके पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत आंख, कान से बहरापन, हृदय रोग, विकृति, घेघा रोग, डीपीसीएन डिफसेसी,बच्चो का कान बहना,श्वास नली में इन्फेक्शन, टीबी, बच्चों की वजन व लंबाई की सघन जांच की गई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शून्य से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों के चार डी पर फोकस किया जाता है। जिनमें डिफेक्ट एट बर्थ, डिफिशिएंसी, डिजीज, डेवलपमेंट डिलेज इन्क्लूडिग डिसएबिलिटी यानि किसी भी प्रकार का विकार,बीमारी,कमी और दिव्यांगता शामिल है।इस कार्यक्रम में शून्य से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों की बीमारियों का समुचित इलाज किया जाता है। शून्य से 6 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिग आंगनबाड़ी केंद्रों में होती है। जबकि 6 से 18 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिग उनके स्कूलों में जाकर की जाती है, ताकि चिह्नित बीमारियों के समुचित इलाज में देरी न हो। स्क्रीनिग करने के बाद बच्चों को हेल्थ कार्ड भी उपलब्ध कराया जाता है।

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