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रहस्मयी कोरोना: मरीजों में मिल रहे कोरोना के सभी लक्षण लेकिन जांच में निकल रहे निगेटिव

जैसे-जैसे कोरोना का कहर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कोरोना वायरस अपना रंग बदल रहा है। कुछ दिनों से जिले में कोरोना वायरस का एक अलग रंग देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, मरीज में कोरोना के सभी...

रहस्मयी कोरोना: मरीजों में मिल रहे कोरोना के सभी लक्षण लेकिन जांच में निकल रहे निगेटिव
भागलपुर, विपिन नागवंशीMon, 06 Jul 2020 05:40 PM
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जैसे-जैसे कोरोना का कहर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कोरोना वायरस अपना रंग बदल रहा है। कुछ दिनों से जिले में कोरोना वायरस का एक अलग रंग देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, मरीज में कोरोना के सभी लक्षण पाये जा रहे हैं लेकिन जांच में मरीज कोरोना निगेटिव मिल रहे हैं। जबकि मरीजों को कोई अन्य बीमारी भी नहीं है। आंकड़ों की बात करें तो 20 जून के बाद से अबतक भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल JLNMCH में इस तरह के लक्षण वाले 32 मरीज आ चुके हैं। जो कोरोना जांच में निगेटिव पाये गये लेकिन उनमें कोरोना के सारे लक्षण थे।

केस नंबर एक
सन्हौला प्रखंड के महेशपुर निवासी 18 वर्षीय युवक करीब डेढ़ माह पहले पानीपत, हरियाणा से आया था। उसकी तबीयत खराब होने पर उसे दो जुलाई की शाम करीब सवा पांच बजे जेएलएनएमसीएच के इमरजेंसी में डॉ. राजकमल चौधरी की यूनिट में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे युवक की मौत हो गयी। मौत के बाद युवक की कोरोना जांच करायी गयी तो वह निगेटिव था।

केस नंबर दो
दो जुलाई की शाम करीब छह बजे 48 वर्षीय एक अज्ञात शख्स को लेकर मोजाहिदपुर पुलिस मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी में छोड़कर भाग गयी। डॉ. राजकमल चौधरी की यूनिट में मरीज का इलाज चला। मरीज में कोरोना के सारे लक्षण दिखाई दे रहे थे। इलाज के दौरान ही  गुरुवार की रात 8.50 बजे इमरजेंसी में उसकी मौत हो गयी। कोरोना जांच करायी गयी तो मृतक कोरोना निगेटिव निकला।

दोनों मृतकों में थे कोरोना के सारे लक्षण
जेएलएनएमसीएच के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि दोनों मृतकों का उनकी ही यूनिट में इलाज चला था। दोनों को जब भर्ती कराया गया था तो सांस लेने की तकलीफ, गले में दर्द, बुखार, बदन दर्द समेत अन्य वे सभी लक्षण थे जो कि कोरोना के होते हैं। इसी तरह का एक केस दिल्ली के मौलाना आजाद डेंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज में पाया गया। यहां पर कार्यरत 26 वर्षीय चिकित्सक में कोरोना के सारे लक्षण थे, वह बार-बार कोरोना होने का दावा करता रहा। दो बार उसकी जांच भी हुई लेकिन वह हरबार कोरोना निगेटिव निकला। उसकी दो जुलाई को मौत हो गयी। डॉ. चौधरी ने आशंका जताई है कि बदलते वक्त के साथ कोरोना का वायरस में म्यूटेशन हो गया होगा। जिससे कोरोना बीमारी होने के बावजूद मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं पाये जा रहे हैं।  

कोरोना होने के बावजूद आ सकती है कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट
जेएलएनएमसीएच के कोविड 19 के नोडल प्रभारी डॉ. हेमशंकर शर्मा ने कहा कि आरटी-पीसीआर जांच में 30 प्रतिशत मामले में कोरोना होने के बावजूद जांच में निगेटिव की रिपोर्ट आ सकती है। इसके अलावा कोरोना लक्षण के बावजूद जांच में  निगेटिव होने का कारण कोरोना के वायरस में म्यूटेशन होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में मरीज में कोरोना के लक्षण अगर पाये जा रहे हैं तो इसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के बावजूद अगर मरीज में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं तो उसे कोरोना मरीज मानते हुए तद्नुसार इलाज किया जाना चाहिए। 

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