
भागलपुर : 20% मुस्लिम वोटर, एक ही टिकट! दलों की नई सियासी चाल शुरू
संक्षेप: भागलपुर जिले में 20% मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं। हालांकि, इस बार मुख्य पार्टियों ने केवल नाथनगर सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया है। भागलपुर, बिहपुर और गोपालपुर में मुस्लिम प्रत्याशी नहीं हैं, जो चौंकाता है।
जिले में करीब 20 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। सभी विधानसभा में मुस्लिम मतदाता हमेशा से निर्णायक रहे हैं। भागलपुर, नाथनगर और कहलगांव में मुस्लिम वोटरों की अधिकता देखकर ही हमेशा से प्रत्याशी तय किए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार सिर्फ नाथनगर में प्रमुख पार्टी ने मुस्लिम को टिकट दिया है। मुस्लिम बहुल नाथनगर सीट पिछली बार राजद की झोली में आई थी। इसलिए राजद ने प्रत्याशी बदलकर फिर से मुस्लिम चेहरे पर दांव लगाई है।
यह दांव कितना सफल होगा, यह भविष्य तय करेगा। पीरपैंती सुरक्षित सीट होने के चलते मुसलमानों को यहां टिकट कोई पार्टी नहीं देती है। वहीं, सुल्तानगंज और कहलगांव में एकमात्र मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में हैं। हालांकि ये गैर बड़े दलों के हैं। बहरहाल, भागलपुर में एक भी मुस्लिम चेहरा का चुनाव में नहीं होना चौंकाता है। भागलपुर में 1.30 लाख मुस्लिम मतदाता होने का दावा इंडिया महागठबंधन हमेशा से करती रही है।
एआईएमआईएम भी भागलपुर में मुस्लिम वोटरों की संख्या नाथनगर से अधिक बताती है। बीतें तीन विधानसभा चुनाव में यह पहली बार है कि भागलपुर, बिहपुर और गोपालपुर में कोई मुस्लिम प्रत्याशी नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार, बिहपुर में 32 हजार मुस्लिम वोटर और गोपालपुर में 40 हजार वोटर हैं। कांग्रेस के नेता मो. निहाल उद्दीन बताते हैं कि मुस्लिम वोटों के बिखराव को रोकने के लिए ही इस बार सदर सीट से बिरादरी के किसी शख्स को उतरने नहीं दिया गया।

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