बोले मुंगेर : खराब सड़क और जलनिकासी की परेशानी हो दूर
मुंगेर नगर निगम के वार्ड संख्या-17 माधोपुर में नागरिक सुविधाओं की स्थिति अत्यंत खराब है। जर्जर सड़कों, खराब पेयजल व्यवस्था और सुरक्षा की कमी से स्थानीय लोग परेशान हैं। वार्ड में नालों का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे जलजमाव और गंदगी की समस्या बढ़ रही है। नागरिकों ने ठोस कार्रवाई की मांग की है।

-प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा
मुंगेर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-17 माधोपुर में नागरिक सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। इस वार्ड में रहने वाले लोग वर्षों से बुनियादी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल पाए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण वार्ड की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। वार्ड की सबसे बड़ी और गंभीर समस्या जर्जर सड़कें हैं। माधोपुर नया टोला, बम पुलिस सड़क सहित कई गली-मोहल्लों की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढों की भरमार है, जिससे पैदल चलना तो दूर, दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी जोखिम भरा हो गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। वार्ड के कई हिस्सों में अब तक नाला निर्माण नहीं कराया गया है। बरसात के दौरान बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो जाता है, जिससे आवागमन बाधित होता है। जलजमाव के कारण सड़कें और तेजी से टूट रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नालों का निर्माण कराया गया और न ही अस्थायी समाधान की व्यवस्था की गई। लोगों ने बताया कि छह महीने पूर्व गर्ल्स हाई स्कूल से जुड़ी सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन घटिया गुणवत्ता के कारण सड़क कुछ ही समय में जगह-जगह से टूटने लगी है। इससे सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड संख्या-17 माधोपुर में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पीएचईडी विभाग द्वारा लगाए गए अधिकांश सरकारी चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं। नल-जल योजना के तहत लगभग 200 घरों तक अब तक कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। जहां कनेक्शन दिए गए हैं, वहां पाइप लीकेज और तकनीकी खामियों के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। मजबूरी में लोगों को निजी बोरिंग, कुओं या बाजार से पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और भी विकराल हो जाती है।
वार्ड में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी बेहद खराब है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, लगभग 10 एलईडी स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जबकि करीब 50 नई लाइटों की तत्काल आवश्यकता है। कई गली-मोहल्लों में पूरी तरह अंधेरा रहता है। विशेष रूप से मुंगेर रेलवे स्टेशन के पीछे महावीर स्थान की ओर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। रात के समय स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों, महिलाओं और बुजुर्गों को भय के साए में गुजरना पड़ता है। वार्ड संख्या-17 में आज भी लगभग 50 खपड़ैल (कच्चे) मकान मौजूद हैं। बरसात और ठंड के मौसम में ये मकान परिवारों के लिए असुरक्षित साबित होते हैं। कई परिवारों को हर साल छत टपकने और दीवार गिरने का डर बना रहता है। लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आवासीय योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि वार्ड की समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए ठोस, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और वार्ड का समुचित विकास हो सके।
गर्ल्स हाई स्कूल के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था नहीं
सुरक्षा व्यवस्था के मोर्चे पर भी वार्ड काफी पिछड़ा हुआ है। वार्ड में स्थित गर्ल्स हाई स्कूल के आसपास नियमित पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था नहीं है। विद्यालय समय में मनचले युवकों की आवाजाही देखी जाती है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित रहते हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चियों को असहज माहौल का सामना करना पड़ता है, लेकिन पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वार्ड में सीवरेज व्यवस्था भी अधूरी पड़ी है। मुख्य सड़कों पर तो कनेक्शन दिया गया है, लेकिन घरों से जोड़ने का कार्य अब तक नहीं किया गया। इससे सीवरेज प्रणाली का लाभ आम नागरिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर गंदा पानी खुले में बहता रहता है, जलजमाव, गंदगी और खराब सीवरेज व्यवस्था के कारण वार्ड में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा नियमित फॉगिंग और सफाई अभियान नहीं चलाया जाता। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम, वार्ड पार्षद और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
शिकायत
1. वार्ड की अधिकांश सड़कें अत्यंत खराब स्थिति में हैं। नाला निर्माण नहीं होने से जल निकासी बाधित रहती है ।
2. पीएचईडी द्वारा लगाए गए सभी सरकारी हैंडपंप खराब़ हैं। नल-जल योजना का कनेक्शन 200 घरों तक नहीं पहुंचा।
3. रेलवे स्टेशन के पीछे महावीर स्थान क्षेत्र में अंधेरा रहने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है।
4. सड़कों पर सीवरेज बिछाई गई है, लेकिन घरों से कनेक्शन नहीं होने से गंदगी व दुर्गंध की समस्या बनी रहती है।
5. गर्ल्स हाई स्कूल के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था नहीं है। छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है।
सुझाव
1. सभी प्रमुख वआंतरिक सड़कों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कर दोनों ओर पक्के नालों का निर्माण कराया जाए।
2. खराब चापाकलों की मरम्मत या नए चापाकल लगाए जाएं। नल-जल योजना के शेष घरों को शीघ्र कनेक्शन दिया जाए।
3. खराब एलईडी लाइटों को अविलंब बदला जाए व आवश्यक स्थानों पर लाइटें लगाकर अंधेरे को समाप्त किया जाए।
4. सीवरेज लाइन को घर-घर तक जोड़ा जाए ताकि गंदा पानी खुले में न बहे, लोगों को परेशानी न हो व स्वच्छता बनी रहे।
5. गर्ल्स हाई स्कूल व स्टेशन के पीछे के क्षेत्रों में पेट्रोलिंग, सीसीटीवी कैमरे व स्थानीय निगरानी समिति बने।
इंफोग्राफिक:
1. 20 हजार है वार्ड की आबादी, 8000 हैं मतदाता
2. 10 एलईडी लाइट्स खराब पड़े हैं वार्ड में लगे
3. 50 परिवारों को आवास योजना का लाभ नहीं मिला है
4.200 घरों में नल-जल योजना का कनेक्शन नहीं पहुंचा।
हमारी भी सुनें:
नल-जल योजना को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दी गई। आश्वासन भी मिला, लेकिन आज तक जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह स्थिति शासन–प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
-लल्लन साह
वार्ड नंबर- 14 में एक भी सामुदायिक या विवाह भवन नहीं है। सामाजिक कार्यक्रमों के लिए लोगों को निजी विवाह भवनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो इतने बड़े और पुराने वार्ड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
-मधुकर सिंह
वार्ड में शाम ढलते ही स्मैक जैसे नशे का खुलेआम सेवन होता है। मुंगेर स्टेशन के पिछले हिस्से में युवाओं का अड्डा बना रहता है, जिससे सामाजिक माहौल खराब हो रहा है और यात्रियों में भय बना रहता है।
-धर्मेंद्र मंडल
यहां स्थित गर्ल्स हाई स्कूल के आसपास स्कूल समय में मनचलों का जमावड़ा लगा रहता है। पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था नहीं होने से छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
-गौतम
इस वार्ड में सिवरेज कनेक्शन मुख्य सड़क पर अधूरा छोड़ दिया गया है। कई घरों से सिवरेज जोड़ा ही नहीं गया। नल-जल योजना का पानी भी जगह-जगह लीकेज कर रहा है।
-संदीप कुमार
मोहल्ले में आज भी पानी की गंभीर समस्या है। जिनके पास समरसेबल या चापाकल नहीं है, उन्हें अधिक परेशानी होती है। कई घरों तक नल-जल योजना का कनेक्शन नहीं पहुंचा है।
-विनोद साह
वार्ड में कई एलईडी लाइट खराब हैं और लगभग 100 नई लाइटों की जरूरत है। अगर निगम कम से कम 25 लाइट भी लगा दे, तो रोशनी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
-चंदन शर्मा
पीएचईडी द्वारा लगाए गए सरकारी चापाकल आज पूरी तरह खराब पड़े हैं। विभाग द्वारा स्थापना के बाद इनके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
-शेखर
लगभग 200 घर ऐसे हैं जहां नल-जल योजना का कनेक्शन नहीं है और जहां है, वहां पानी की आपूर्ति नहीं होती। लोगों को काम छोड़कर दूर से पानी लाना पड़ता है।
-मनोज
कई लोग आज भी वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लिए भटक रहे हैं। योजना का लाभ नहीं मिलने से उन्हें बार-बार जनप्रतिनिधियों और ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
-अरविंद कलाकार
मोहल्ले की कई गलियों में नाले की आवश्यकता है। नाला निर्माण नहीं होने से छोटी नालियां खुली रहती हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैलती है।
-राजकुमार सिंह
समर्पण अस्पताल से दशभुजी स्थान मंदिर तक बनी सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है। छह महीने में ही सड़क टूटने लगी है और जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
-मंगल मंडल
भीषण ठंड में भी हमें दुर्गा स्थान से पानी भरकर लाना पड़ता है। नल-जल कनेक्शन होने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
-जानकी देवी
कड़ाके की ठंड के बावजूद इस वर्ष चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे रिक्शा चालक और राहगीरों को परेशानी हो रही है।
-प्रभाकर
मुंगेर स्टेशन के पिछले हिस्से में स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अंधेरे के कारण असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है और यात्री असुरक्षित महसूस करते हैं।
-राजकुमार
नल-जल योजना में जगह-जगह लीकेज है। कुछ लोगों द्वारा मोटर लगाने से पानी का प्रेशर और कम हो जाता है, जिससे बाकी घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
-नीरज कुमार
बोले जिम्मेदार:
जल-नल और सिवरेज से जुड़ी समस्याओं को लेकर नगर निगम और नगर आयुक्त को अवगत कराया गया है। इस वार्ड में 25-25 लाख की दो योजनाएं संचालित हैं। स्वास्थ्य केंद्र की समस्या भी जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनने से दूर होगी।
-श्वेता रानी, वार्ड पार्षद
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