आज इमामबाड़ा में फातिहाख्वानी और बनेंगे पैकर, निकाला जायेगा अलम का जुलूस
असानंदपुर बड़ा इमामबाड़ा में हुई मजलिस हजरत अली अकबर की शहादत को किया याद

भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मुहर्रम की छठी तारीख पर सोमवार को शहर के विभिन्न शिया इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। इमामबाड़ों और मजलिस स्थलों पर ‘या हुसैन’ की सदाएं गूंजती रहीं। अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद किया। असानंदपुर स्थित बड़ा इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना नासिर हुसैन ने कर्बला के शहीद हजरत अली अकबर की शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर्बला के मैदान में जब इमाम हुसैन के अधिकांश साथी और परिजन शहीद हो चुके थे, तब हजरत अली अकबर ने जंग की अनुमति मांगी।
भूख और प्यास की कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बहादुरी से यजीद की सेना का मुकाबला किया, लेकिन दुश्मनों ने धोखे से उन पर हमला कर उन्हें शहीद कर दिया। वहीं मजलिस के बाद नोहाखानी का आयोजन किया गया, जिसमें अंबर रजा ने नोहा पेश किया।वहीं, मुहर्रम की सातवीं तारीख मंगलवार को सराय किलाघाट इमामबाड़ा में फातिहाख्वानी और पैकर बनने के साथ मेला भी शुरू हो जाएगा। सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के संयोजक प्रो. डॉ. फारूख अली ने बताया कि सराय इमामबाड़ा से पैकर बनकर कोतवाली इमामबाड़ा और मियां साहब के इमामबाड़ा पर पहुंचेंगे। इसके अलावा बरारी स्थित इमामबाड़ा से अलम का जुलूस भी निकाला जाएगा।
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