मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान करने के लिए गंगा घाटों पर उमड़े श्रद्धालु
गंगा स्नान और शनिदेव की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति की मान्यता पड़ोसी जिलों

भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मौनी अमावस्या पर रविवार को शहर के बरारी पुल व सीढ़ी घाट, बूढ़ानाथ घाट, मानिक सरकार घाट समेत अन्य गंगा घाटों पर गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। गंगा घाटों पर अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था और दोपहर तक लोग गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना करते दिखे। महिला श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर फूल, प्रसाद चढ़ाकर गंगा मैया की पूजा की और एक-दूसरे को सिंदूर भी लगाया। इसके अलावा कई श्रद्धालु घाट स्थित शिव मंदिर एवं अन्य देवी-देवताओं की पूजा कर गंगाजल अर्पित करते रहे। बता दें कि गंगा स्नान के लिए जिले के अलग-अलग प्रखंडों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों और राज्यों से भी लोग बरारी घाट पहुंचे।
गंगा स्नान के लिए गोराडीह प्रखंड से आई गीता देवी और संगीता देवी ने बताया कि मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान करना शुभ माना जाता है और इसका एक विशेष महत्व है। वहीं, ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान और शनिदेव की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु मौन धारण कर तिल, लड्डू और तेल दान करते हैं। मौनी अमावस्या यह संदेश देता है कि मौन व्रत धारण कर मन को संयमित किया जाए। प्राचीन शनिदेव मंदिर में जलाए गए 108 दीप इधर, मौनी अमावस्या पर एमपी द्विवेदी रोड स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं ने भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर 108 दीप जलाकर भगवान शनिदेव का पाठ भी किया गया। मंदिर के पुजारी परमेश्वरानंद उर्फ काला बाबा ने बताया कि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से भगवान शनिदेव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, शहर के बाबा बूढ़ानाथ मंदिर, भूतनाथ मंदिर, शिवशक्ति मंदिर, जगन्नाथ मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


