
खगड़िया : जयंती पर याद किए गए शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद
संक्षेप: खगड़िया में, भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 137वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। कन्या मध्य विद्यालय, गौछारी में प्रधान विपीन कुमार ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। शिक्षिका संगीता कुमारी ने उनके जन्म और देश सेवा के योगदान का उल्लेख किया। इस अवसर पर छात्रों ने भी जानकारी साझा की।
खगड़िया, एक प्रतिनिधि। भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 137वीं जयंती मंगलवार को जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत कन्या मध्य विद्यालय,गौछारी मैं बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान श्री विपीन कुमार ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए उनके संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मौलाना कलाम का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा और देश की स्वतंत्रता के संघर्ष में बीता। वहीं शिक्षिका संगीता कुमारी ने कहा कि आज ही के दिन 11 नवंबर 1888 ई में मक्का सऊदी अरब में उनका जन्म हुआ हुआ था। पर, 1897 में इनका पूरा परिवार भारत के कोलकाता में आकर नबस गए।

प्रारंभ से ही मौलाना कलाम देश की सेवा में महात्मा गांधी के साथ कदम से कदम मिलाते हुए अनेक संघर्षों में हिस्सा लिया। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1923 में सबसे युवा अध्यक्ष बनाए गए। बाद में 1940 से 1946 तक पुनः इसके अध्यक्ष बनाए गए। वही वे1946 से 1950 तक संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी कार्य किया और स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा के मंत्री के रूप में 1947 से 1958 तक कार्य किए। उनकी असीम एवं नि:स्वार्थ देश सेवा के कारण 1992 में भारत सरकार ने भारत रत्न से उन्हें सम्मानित किया गया। वे एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक, विचारक और शिक्षाविद के साथ-साथ, हिंदू मुस्लिम एकता के सबसे बड़े समर्थक और भाईचारा के प्रतीक थे। इस मौके पर शिक्षक श्री राम विलास पासवान श्रीमती सुमन केसरी, पिंकी कुमारी, अभिलाषा कुमारी, सरिता कुमारी आदि ने भी छात्रों को संबोधित किया। वही बच्चों ने भी मौलाना अबुल कलाम के संदर्भ में अपनी जानकारी साझा की।

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