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स्टेशन चौक पर विदाई से पूर्व मां विषहरी की उतारी गई आरती

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मां विषहरी की प्रतिमाओं का विसर्जन सोमवार देर रात तक मुसहरी घाट पर किया गया। इससे पूर्व स्टेशन चौक से विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। यहां विदाई से पूर्व हर प्रतिमा की आरती उतारी गई। सांसद अजय मंडल, मेयर सीमा साह, उपमेयर राजेश वर्मा, पूर्व मेयर डॉ. वीणा यादव, विषहरी महारानी केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष भोला कुमार मंडल, उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार, उपाध्यक्ष श्यामल किशोर मश्रिा आदि ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

परबत्ती की प्रतिमा सुबह अपने स्थान से आठ बजे उठ गई, जो ढाई घंटे बाद 10:30 बजे स्टेशन चौक पहुंच गई। हालांकि इससे कुछ समय पहले इशाकचक की प्रतिमा पहुंची थी। बाद में परबत्ती की प्रतिमा की आरती कर उसे लाइन में पहले लगाया गया। फिर उर्दू बाजार की प्रतिमा, लालपत नगर, गुड्हट्टा चौक, मिरजानहाट, गोलाघाट, आनंद चिकत्सिालय रोड, गोशाला, कुतुबगंज, इशाकचक पासी टोला, हसनगंज, छोटी खंजरपुर, भीखनपुर, घंटाघर, मुंदीचक, पुरानी सदर अस्पताल की प्रतिमा स्टेशन चौक पहुंची। जिला शांति समिति के सदस्य तरुण घोष ने बताया कि प्रतिमाएं मुसहरी घाट पर देर रात तक विसर्जित होती रहीं।

उर्दू बाजार के युवाओं ने दिखाये करतब : स्टेशन चौक के पास उर्दू बाजार पूजा कमेटी के सचिता यादव, अशोक यादव, अनिकेत यादव, अभिजित यादव, अशोक यादव ने आकर्षक रूप से लाठी, भाला, तलवार को भांजकर करतब दिखाया। करतब देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। लोगों ने तालियां बजाकर उनकी कलाबाजी की सराहना की। सचिता ने बताया कि एक माह पूर्व से इसका अभ्यास चल रहा था। कुछ और पूजा समितियों के सदस्यों ने भी करतब दिखाया।

पंक्तिबद्ध होकर नहीं चल सकीं प्रतिमाएं : विषहरी महारानी केंद्रीय पूजा समिति के दावा के अनुसार सभी प्रतिमाएं एक साथ नहीं चल सकीं। सभी कमेटी के पदाधिकारियों से प्रतिमा को 10 बजे तक स्टेशन चौक पहुंचाने का आग्रह किया गया था लेकिन प्रतिमाएं अपने सुविधानुसार स्टेशन चौक पहुंचीं। इसके कारण प्रतिमाएं बिना लाइन में लगे ही आगे बढ़ती गईं। हालांकि समिति के पदाधिकारी ने दावा किया कि स्टेशन होकर 35 प्रतिमाएं गुजरीं। ईश्वरनगर की प्रतिमा आदमपुर में साथ हुई। इस संबंध में डीएसपी राजवंश सिंह ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के कारण शांतिपूर्ण ढंग से प्रतिमा का विसर्जन हुआ। कुछ प्रतिमाएं विलंब से आईं। इस कारण प्रतिमा आगे भी बढ़ती गई और जाम की समस्या से भी लोगों को परेशानी नहीं हुई।

सांसद बोले- मंजूषा का करूंगा विकास : स्टेशन चौक पर शोभायात्रा रवाना करने के बाद सांसद ने कहा कि वह लगातार मंजूषा के विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं। हाल में ही वक्रिमशिला ट्रेन में मंजूषा पेंटिंग की गई। रेल मंत्रालय से सभी ट्रेनों में मंजूषा की पेंटिंग कराने के लिए पत्र भेजा गया है। मेयर ने कहा कि विषहरी पूजा देश के लिए गौरव की बात है। मां मनसा से शहर के विकास के लिए वह आशीर्वाद मांगती हैं। पूर्व मेयर डॉ. वीणा यादव ने कहा कि आज का दिन नारी शक्ति का दिन है। एसडीओ आशीष नारायण ने कहा कि विसर्जन को लेकर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। इस कारण शांतिपूर्ण ढंग से पूजा-अर्चना के साथ प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। जिला शांति समिति के सदस्य विनय कुमार सन्हिा ने बताया कि प्रशासन द्वारा लाइसेंस पर समय मनमाने ढंग से देने के कारण प्रतिमाएं विसर्जित करने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि उर्दू बाजार, रामसर, आरके लेन, जोगसर मेन रोड की प्रतिमाएं बूढ़ानाथ घाट पर विसर्जित हुईं।

आरती के समय मौजूद रहे लोग : स्टेशन चौक पर आरती के समय सहायक जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, शांति समिति से अनिता सिंह, श्वेता सुमन, निशू सिंह, प्रकाशचंद्र गुप्ता, एजाल अली रोज, समित के दिनेश मंडल, अंगूरी शर्मा, कुमार बाजपेई, योगेशनाथ पांडे आदि मौजूद थे।

34 मंजूषा कलाकार हुए सम्मानित : सांसद, एसडीओ व अन्य अतिथियों ने विसर्जन शोभायात्रा के दौरान 32 मंजूषा कलाकारों को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया। नुरपुर की शशंकी कुमारी को बुद्ध की प्रतिमा बनाने पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। चंपानगर के आशीष ने वन संरक्षण पर मंजूषा की पेंटिंग बनाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। जवारीपुर की नेहा कुमारी को जल संरक्षण को लेकर तीसरा व जवारीपुर की शोभा कुमारी को स्वच्छता अभियान की पेंटिंग को लेकर चौथा स्थान प्राप्त हुआ।

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