
जी राम जी योजना में 125 दिन मजदूरी की कानूनी गारंटी: रामकृपाल
प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाने का संकल्प लिया है। भागलपुर के नाथनगर में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने जी राम जी योजना का उद्घाटन किया, जो मनरेगा के स्थान पर आएगी। यह योजना 125 दिन की रोजगार गारंटी देती है और भ्रष्टाचार मुक्त है।
2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाना मोदी सरकार का संकल्प कहा- कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम वास्तव में भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम है नाथनगर के गौराचौकी में सभा का किया गया आयोजन, कई विधायक भी पहुंचे भागलपुर, प्रधान संवाददाता। विकसित भारत जी राम जी योजना जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने भागलपुर के नाथनगर के गौराचौकी में सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2047 तक विकसित भारत बनाना चाहते हैं। इसके लिए विकसित गांव बनाना जरूरी है। इसी के मद्देनजर मनरेगा के स्थान पर जी राम जी योजना लायी गई। जी राम जी योजना विकसित ग्राम और स्वावलंबी भारत की आधारशिला है।
मंत्री ने कहा कि मनरेगा में 100 दिन की रोजगार की गारंटी थी। जी राम जी योजना में 125 दिन की गारंटी है। यह योजना भ्रष्टाचार मुक्त, टेक्नोलॉजी आधारित और मजदूर केंद्रित सुधार है। कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम वास्तव में भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम है। अब जेसीबी से तालाब खोदना और फिर उसे भरककर फिर खोदना और पैसे निकालने पर विराम लग गया है। विपक्षी दलों को इसी का दर्द है। उन्होंने बताया कि अब जल संरक्षण, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, अस्पताल, खेत-तालाब, चेक डैम, एफपीओ संरचना, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन जैसे ठोस कार्य होंगे। इस अवसर पर भारत माता का पूजन, कृषि में प्रयुक्त होने वाले कुदाल, खुरपी, कचिया सहित अन्य औजारों का कृषि मंत्री द्वारा पूजन किया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार द्वारा कृषि मंत्री को भागलपुर का प्रसिद्ध कतरनी चावल की टोकरी और मंजूषा पेंटिंग भेंट किया गया। मौके पर विधायक मिथुन यादव, मुरारी पासवान, भाजपा जिला महामंत्री योगेश पांडे, उमाशंकर, नीतेश सिंह आदि मौजूद थे। समय की मांग के अनुसार योजनाओं का नाम बदलना किसी का अपमान नहीं मंत्री ने कहा कि अगर योजनाएं लंबे समय से चल रही हैं तो देश की आर्थिक, सामाजिक एवं अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समय की मांग के हिसाब से उसमें परिवर्तन करना जरूरी हो जाता है। यह किसी का अपमान नहीं। कांग्रेस की सरकार पहले ऐसा कई बार कर चुकी है। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम शुरू किया। जिसे राजीव गांधी सरकार ने जवाहर रोजगार योजना नाम दिया। मनमोहन सरकार ने 2006 में इसे नरेगा किया, जिसे 2009 में मनरेगा कर दिया गया। यानी रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गांधी जी के नाम पर नहीं था। उसी तरह इंदिरा गांधी ने आवास योजना शुरू किया, बाद में राजीव गांधी ने उसको इंदिरा आवास कर दिया अब ये प्रधानमंत्री आवास योजना है।

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