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यादें शेष: सुपौल निवासी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र भूदान आंदोलन के थे बड़े समर्थक

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र आचार्य विनोबा भावे द्वारा चलाए गए भूदान आंदोलन के भी बड़े समर्थक थे। कहा जाता है कि उनकी आचार्य से निकटता भी थी। उनके आमंत्रण पर ही आचार्य विनोबा भावे कभी बलुआ आए थे।

आचार्य के दौरे की तिथि(1954 के आसपास) तो किसी को स्पष्ट याद नहीं है लेकिन पूर्व सीएम के मैनेजर डॉ. हरेराम झा बताते हैं कि डॉ. मिश्र ने निर्मली में स्थित अपनी चौबीस एकड़ जमीन भूदान में दी थी। जमीन दान करने के लिए उन्होंने कई लोगों को प्रोत्साहित भी किया था।
 
सादगी भरा जीवन जीते थे पूर्व सीएम
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का जीवन सादगी भरा था। सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल के रतनपुरा थाना क्षेत्र के बसावनपट्टी में डॉ. मिश्र का जन्म हुआ था। वहीं उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई और फिर राजकीयकृत ललित नारायण विद्या मंदिर(पूर्व नाम नीलमोहिनी हाई स्कूल) से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। फिलहाल डॉ. मिश्र के सहपाठी तो नहीं रहे लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मिश्र के भतीजे विधान पार्षद विजय मिश्र और पूर्व सीएम के काफी करीबी माने जाने वाले बलुआ के पूर्व मुखिया जयकृष्ण गुरमैता बताते हैं कि उनका जीवन पूरी तरह सादगी पूर्ण था। शादी से पहले एक जोड़ी धोती और एक हाफ कमीज ही उनके पास रहती थी। वह खुद उसे साफ करते थे और इस्त्री के लिए तकिए के नीचे रख देते थे। पूर्व मुख्यमंत्री शाकाहारी थे और दही-चूड़ा उनका पसंदीदा खाना था।
 
सीएम होते हुए भी शिक्षकों का छूते थे पांव
पूर्व मुख्यमंत्री शिक्षकों का सम्मान भी करते थे। पूर्व सीएम के करीबी बताते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अगर कोई शिक्षक उनसे मिलने जाते तो वह उनका पांव छूकर अभिनंदन करते। डॉ. मिश्र को पढ़ाने वाले प्रमुख शिक्षक जयनारायण मल्लिक, रघुनंदन दास और राजकिशोर प्रसाद का नाम बलुआ के कई लोग लेते हैं, जो डॉ. मिश्र को काफी मानते थे।

अंतिम संस्कार की हो रही तैयारी
पूर्व सीएम डॉ. मिश्र का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बलुआ में ही होगा। सोमवार को उनके निधन की खबर मिलने के बाद वहां अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है। पूर्व सीएम के घर के सामने महावीर मंदिर से सटे बगीचे में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सोमवार को दाह संस्कार स्थल की साफ-सफाई की जा रही थी। फिलहाल समय तय नहीं है लेकिन पूर्व सीएम के मैनेजर हरेराम झा बताते हैं कि बुधवार को दोपहर बाद डॉ. मिश्र का अंतिम संस्कार होगा। 
 

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  • Web Title:Memories left: Former Chief Minister Dr Jagannath Mishra resident of Supaul was big supporter of Bhoodan Movement