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हिंदी न्यूज़ बिहार भागलपुरपूर्ववर्ती छात्र से प्रेरणा लेकर समाज को बनाएं निरोग

पूर्ववर्ती छात्र से प्रेरणा लेकर समाज को बनाएं निरोग

हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 03:51 AM
पूर्ववर्ती छात्र से प्रेरणा लेकर समाज को बनाएं निरोग

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार सिन्हा ने कहा कि 51 साल में मेडिकल कॉलेज ने एक से बढ़कर एक डॉक्टर गढ़े। यहां से डॉक्टरी की पढ़ाई किये बच्चे सफलता के नित नये कीर्तिमान बना रहे हैं। हमें अपने अतीत पर इतराना है तो नयी पीढ़ी के मेडिकल छात्रों को अपने पूर्ववर्ती छात्रों से प्रेरणा लेते हुए खुद को काबिल डॉक्टर बनाते हुए अपने निष्काम सेवा के बूते समाज को निरोग करने का काम करना होगा।

डॉ. सिन्हा बुधवार को मेडिकल कॉलेज के गोल्डन जुबिली ईयर के मौके पर कॉलेज परिसर में आयोजित कॉलेज के 51वें स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉलेज के इस मुकाम के पीछे पूर्ववर्ती व मौजूदा प्रशासक व शिक्षकों (डॉक्टरों) का अहम योगदान रहा है। बतौर विशिष्ट अतिथि नेत्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि कोरोना काल के दौरान मेडिकल की ऑफलाइन पढ़ाई बंद रही। इससे बच्चों को पढ़ाई करने का बहुत ही कम अवसर मिला। बावजूद इन छात्रों ने अपनी मेधा व मेहनत के बूते बेहतरीन अंकों के साथ डॉक्टर की डिग्री हासिल की। बच्चों की यह सफलता सराहनीय है। बतौर मुख्य वक्ता मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने कहा कि कॉलेज का स्थापना दिवस हमें अपने स्वर्णिम अतीत की याद दिलाता है तो आयोजित होने वाली विविध प्रतियोगिता के जरिये कॉलेज में पढ़ रहे बच्चों को उनकी प्रतिभा को एक बेहतरीन मंच मिलता है। पढ़ाई जहां हमें चिकित्सक का ज्ञाता बनाती है तो सीनियरों की मौजूदगी में जूनियर चिकित्सकों की क्लीनिकल पढ़ाई उन्हें मरीजों के इलाज करने का हुनर सिखाती है।

पहले हुआ ध्वजारोहण फिर कटा स्थापना का केक

समारोह से पहले सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज का ध्वजारोहण प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार सिन्हा ने किया। इसके बाद कॉलेज के ऑडिटोरियम में प्राचार्य डॉ. सिन्हा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास, डॉ. यूएस सिंह, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. हेमशंकर शर्मा, डॉ. केके सिन्हा, डॉ. आरके सिन्हा, डॉ. संदीप लाल, डॉ. अशोक कुमार भगत, डॉ. मृत्युंजय कुमार आदि ने कॉलेज के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर केक काटकर सेलिब्रेट किया। समारोह का संचालन ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ. अनुपमा सिन्हा, डॉ. आरोही अभिनव जायसवाल, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. पिंटू कुमार आदि की मौजूदगी रही। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस के मौके पर बुधवार की शाम से लेकर रात तक कॉलेज परिसर में ही एमबीबीएस छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुति देकर शमां बांध दिया।

खेल व विविध प्रतियोगिता के चैंपियन को मिला सिल्वर व गोल्ड मेडल

मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित हुए टेबल टेनिस मेंस सिंगल के विजेता एमबीबीएस छात्र साकेत और महिला सिंगल का खिताब मानसी को गोल्ड मेडल मिला। मेंस सिंगल में दूसरे नंबर पर रहे श्रीकांत व तीसरे स्थान पर रहे मानित को सिल्वर मेडल दिया गया। इसके अलावा महिला सिंगल टेबल टेनिस में दूसरे व तीसरे स्थान पर रही स्मृति व स्वाति रही को सिल्वर मेडल मिला। वहीं टेबल टेनिस के मेंस डबल का खिताब जीतने वाले साकेत व अमन की जोड़ी व टेबल टेनिस के वूमेंस डबल का खिताब जीतने वाली सौम्या व स्वाति की जोड़ी को स्वर्ण पदक दिया गया। वहीं दूसरे व तीसरे स्थान पर मानसी-पूजा व दीक्षा व स्मृति की जोड़ी को सिल्वर मेडल प्रदान किया। वहीं टेबल टेनिस के मिक्सड डबल का खिताब जीतने वाले पिंटू व मानसी की जोड़ी को गोल्ड मेडल दिया गया। कैरम प्रतियोगिता के विजेता पीजी छात्र मो. वाजिद हुसैन, इंग्लिश कैलीग्रॉफी प्रतियोगिता की विजेता महाश्वेता, हिन्दी कैलिग्रॉफी प्रतियोगिता की विजेता में सुम्बुल नाज, पेपर पेटिंग एंड स्केचिंग प्रतियोगिता की विजेता व्हाइट हाउस के दिव्यांशु और येलो हाउस की स्मृति को गोल्ड मेडल दिया गया।

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मिला मेडल तो खिल उठे चेहरे

स्थापना दिवस समारोह के मौके पर साल 2015-20 बैच के टॉपरों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर दोनों बैच के आठ छात्रों के बीच कुल 18 गोल्ड मेडल एवं स्मृति मेडल वितरित किये गये। इस मौके पर सोने से दमकते मेडल को जब टॉपर एमबीबीएस छात्रों को मिला तो उनके सुनहरे चेहरे खिल उठे। हरेक मेडल पर बज रही तालियां टॉपरों के मेहनत को सार्थक मुकाम दे रहे थे। एमबीबीएस 2015-16 बैच की टॉपर डॉ. ऋचा झा को पांच, डॉ. निधि सिंह को दो व डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. प्रांजलि कुमारी को एक-एक गोल्ड मेडल मिला। जबकि एमबीबीएस 2016-21 बैच की टॉपर डॉ. आयोनिजा मैत्री को चार, डॉ. विधि गोयल, डॉ. इशानी कुमारी को दो-दो व डॉ. अमन आनंद को एक गोल्ड मेडल मिला।

कोट

पढ़ाई को बोझिल बनाने के बजाय उसे एंज्वाय करते हुए करनी चाहिए। अनावश्यक स्ट्रेस हमें हमने लक्ष्यों से दूर कर देता है। ग्रुप में पढ़ाई करने से सफलता मिलने के चांसेज ज्यादा होते हैं। आगे शिशु रोग विशेषज्ञ बनने की चाहत है।

डॉ. ऋचा झा, मुजफ्फरपुर

समय का बेहतर उपयोग व अपने लक्ष्य को फोकस करते हुए निरंतरता के साथ कठिन परिश्रम करना होगा। तभी हम अपने अभिष्ठ लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे। भविष्य में मुझे एक अच्छा सर्जन बनने की चाहत है।

डॉ. अयोनिता मैत्री, दिल्ली

माता-पिता के मोटिवेशन के अनुरूप काम करते हुए निरंतरता के साथ कठिन परिश्रम करने से ही सफलता को हासिल किया जा सकता है। आगे पीजी करने के बाद सफल स्त्री एवं प्रसूव रोग विशेषज्ञ बनना है।

डॉ. विधि गोयल, तेघरा बेगूसराय

ज्यादा पढ़ाई करते रहने से बेहतर है कि हम अच्छे से पढ़ें। पढ़ाई के दौरान खुद पर तनाव को हावी न होने दें। इससे हमारा लक्ष्य हमसे दूर हो सकता है। आगे मुझे काबिल डर्मेटोलॉजिस्ट बनने का सपना है।

डॉ. इशानी, फुलवारीशरीफ पटना

सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है। हमें समय को निर्धारित करते हुए लगातार पढ़ाई करना चाहिए। नकारात्मक बनने के बजाय सकारात्मक सोचें और कठिन परिश्रम करने से ही सफलता मिलती है।

डॉ. नेहा कुमारी, एमबीबीएस 2015-20 बैच

सफलता के लिए अच्छे फैकल्टी के साथ-साथ खुद पर भरोसा रखना चाहिए। कठिन परिश्रम करते हुए अगर हम अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पढाई करें तो सफलता हर हाल में मिलेगी।

डॉ. अमन आनंद, एमबीबीएस 2016-21 बैच

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