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Lok Sabha Election Results 2019: सुपौल में जदयू के दिलेश्वर विजयी

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सुपौल संसदीय सीट पर एनडीए ने कब्जा जमा लिया है। गुरुवार को हुई मतगणना में एनडीए के जदयू प्रत्याशी दिलेश्वर कामैत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। श्री कामैत ने कांग्रेस प्रत्याशी और निवर्तमान सांसद रंजीत रंजन को 2 लाख 66 हजार 853 रिकॉर्ड मतों से हराया।
 
श्री कामैत को 5 लाख 97 हजार 377 वोट मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत रंजन को 3 लाख 30 हजार 524 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। श्रीमती रंजन को 2014 के चुनाव में मिले मतों से भी कम वोट मिले। तीसरे नम्बर पर महागठबंधन के बागी उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय खड़े दिनेश प्रसाद यादव रहे। उन्हें 23 हजार 45 मत आये। इसके अलावा 9343 मतदाताओं ने नोटा के पक्ष में मतदान किया। 1156 वोटरों ने बैलेट वोटिंग के जरिये अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 191 वोटों को रद्द घोषित किया गया।

देर शाम 23 राउंड की मतगणना समाप्ति के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम महेन्द्र कुमार ने चुनाव परिणामों की अधिकारिक घोषणा की। इसके बाद विजयी प्रत्याशी दिलेश्वर कामैत को जीत का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया।
 
2014 में 63. 96 प्रतिशत हुई थी वोटिंग
सुपौल संसदीय सीट के लिये 2014 के लोकसभा चुनाव में 63.96 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 68.70 था जबकि 58.30 फीसदी पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

11 लाख मतदाताओं ने डाले थे वोट
बता दें कि 23 अप्रैल को तीसरे चरण में सुपौल संसदीय सीट के लिए मतदान हुआ था। इसमें छह विधानसभा क्षेत्रों के कुल 11 लाख 10 हजार 996 (65.73 प्रतिशत) वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 71.67 प्रतिशत महिलाओं और 60.25 प्रतिशत पुरुषों ने वोट डाले थे। मतदान में छातापुर विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे रहा जबकि सुपौल सदर विधानसभा का औसत सबसे कम रहा। छातापुर ने 68.55 प्रतिशत मतदान हुआ तो सुपौल सदर विधानसभा के 61.65 फीसदी मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। थर्ड जेंडर के 28 मतदाताओं में से किसी ने वोट नहीं डाले। इस बार के चुनाव परिणाम ने यह मिथक भी तोड़ दिया कि सुपौल से जिस पार्टी के उम्मीदवार सांसद बनते हैं उनकी केन्द्र में सरकार नहीं बन पाती है।

रेल से जोड़ना पहली प्राथमिकता
नवनिर्वाचित सांसद दिलेश्वर कामैत ने अपनी जीत का श्रेय मोदी और नीतीश के साथ आम आवाम को दिया है। उन्होंने कहा कि कोसी एवं सीमांचल की जनता ने मोदी के रथ को आगे बढ़ाने का काम किया है। जिसके लिए उन्हें साधुवाद देता हूं। श्री कामत ने कहा कि जनता से किये सभी वायदे को कैसे पूरा करेंगे देश की जनता देखेगी। उन्होंने कहा कि मोदी और नीतीश के विकास पर भरोसा जताया जिसे कायम रखूंगा।  उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकताबंद पड़े रेल परियोजना को चालू कराकर सुपौल को देश के कोने-कोने से जोड़ना है। इसके लिए संसद में वह आवाज उठायेंगे। इसके अलावा सहरसा-फारबिसगंज रेल अमान परिवर्तन कार्य,  बाढ़ और विस्थापन क ी समस्या को दूर करने के लिए साढ़े चार लाख लोगों के साथ बैठक करेंगे। किसानों को संगठित किया जायेगा। कहा कि जिस रफ्तार से जिले का विकास हो रहा है, उसमें और गति लाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि जनता ने जो भरोसा जताया है, हरहाल में उसे कायम रखेंगे।  

जीते प्रत्याशी को प्रमाण पत्र
लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद गुरुवार की देर शाम मतगणना केन्द्र स्थित बीएसएस कॉलेज के निर्वाची पदाधिकारी कक्ष में विजयी प्रत्याशी जदयू के दिलेश्वर कामैत को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम महेन्द्र कुमार ने प्रमाण पत्र सौंपते हुए दिलेश्वर कामैत को शुभकामनाएं दी। मौके पर एनडीए संयोजक नागेन्द्र नारायण ठाकुर, जदयू जिलाध्यक्ष रामविलास कामत, श्री कामैत के चुनाव अभिकर्ता युगल किशोर अग्रवाल, अमर कुमार चौधरी, संदीप मोहनका,  वीरेन्द्र कामत आदि भी मौजूद थे। 

2006 में जदयू से राजनीतिक सफर 
रेलवे से क्लास वन ऑफिसर पद से सेवानिवृति के बाद दिलेश्वर कामत ने 2006 में जदयू से जुड़कर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। स्नातक पास दिलेश्वर कामत पहली बार 2009 में त्रिवेणीगंज विधानसभा सीट के लिये हुए उपचुनाव में विधायक चुने गये। 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में दिलेश्वर कामत पिपरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रहे। श्री कामत जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

बीएसएस कॉलेज में गुरुवार को विजयी प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र सौंपते निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम महेन्द्र कुमार।

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