
मुंगेर: डीएम ने 5 माह के बालक को वैधानिक प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण को सौंपा
मुंगेर में, जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित दत्तक ग्रहण संस्थान में एक 5 माह का बालक पश्चिमी चम्पारण के एक दम्पति को दत्तक ग्रहण के लिए सौंपा गया। डीएम ने दत्तक माता-पिता को बच्चे की देखभाल और शिक्षा पर जोर देने की सलाह दी। उन्होंने अवैध दत्तक ग्रहण से बचने की अपील भी की।
मुंगेर, एक संवाददाता। जिला बाल संरक्षण इकाई, मुंगेर द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित लगभग 5 माह के एक बालक को बुधवार को डीएम मुंगेर, निखिल धनराज द्वारा पश्चिमी चम्पारण के एक दम्पति को वैधानिक प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण में सौंपा गया। यह दत्तक ग्रहण किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (संशोधित 2021) एवं दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया। उपस्थित रहे वरीय पदाधिकारी: इस अवसर पर अपर समाहर्त्ता मनोज कुमार सिंह, उप-विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, उप-निर्वाचन पदाधिकारी राजीव रंजन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक सहित अन्य अधिकारी, समन्वयक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।
बच्चे की शिक्षा और परवरिश पर दिया गया जोर: डीएम ने दत्तक माता-पिता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, बच्चे की समुचित देखभाल, अच्छी शिक्षा एवं बेहतर परवरिश सुनिश्चित करें, ताकि उसे एक उज्ज्वल भविष्य मिल सके। उन्होंने दत्तक ग्रहण को अत्यंत सराहनीय कार्य बताते हुए कहा कि, बच्चा हमेशा केवल कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही गोद लिया जाए। ऑनलाइन प्रक्रिया से होता है दत्तक ग्रहण: मौके पर डीएम ने बताया कि, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मुंगेर में 0 से 6 वर्ष तक के अनाथ, परित्यक्त एवं खोए हुए बच्चों को बाल कल्याण समिति, मुंगेर के आदेशानुसार आवासित किया जाता है। इसके बाद केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के माध्यम से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाती है। उन्होंने बताया कि, दत्तक ग्रहण के इच्छुक माता-पिता https://cara.wcd.gov.in/ पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। अवैध दत्तक ग्रहण से बचने की अपील: इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या किसी भी सार्वजनिक स्थान से सीधे बच्चे को गोद लेना विधि-विरुद्ध एवं दंडनीय अपराध है। अनाथ, परित्यक्त अथवा खोए हुए बच्चों की सुरक्षित प्राप्ति के लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सदर अस्पताल, मुंगेर में पालना की व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि, किसी भी अनाथ, परित्यक्त या खोए हुए बच्चे की जानकारी मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर- 1098, आपातकालीन सहायता नंबर- 112, नजदीकी थाना, बाल कल्याण समिति या जिला बाल संरक्षण इकाई को अवश्य सूचित करें।

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