सुपौल : निर्मली में फाइलेरिया उन्मूलन की मुहिम, 1.16 लाख लोगों को खिलाई जाएगी दवा
सुपौल में फाइलेरिया से बचाव के लिए एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। डीएम सावन कुमार ने दवा का सेवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। सभी योग्य व्यक्तियों को दवा का सेवन करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने दवा घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था की है।

सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। फाइलेरिया जैसी गंभीर और अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से जिलेवासियों को बचाने के उद्देश्य से मंगलवार को एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। निर्मली प्रखंड के उत्क्रमित हाई स्कूल हरियाही में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम सावन कुमार ने डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा स्वयं सेवन कर तथा बच्चों को दवा खिलाकर किया। इस मौके पर डीएम ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। इसके उन्मूलन के लिए एमडीए कार्यक्रम के तहत दी जा रही दवाओं का सेवन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी पात्र व्यक्तियों को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह दवा 0 से 2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को नहीं दी जानी है। साथ ही दवा का सेवन खाली पेट नहीं करने की सलाह दी गई। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाने की भी व्यवस्था की गई है।
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