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अररिया : समान काम के लिए मिले समान वेतन, भेदभाव से मिले मुक्ति

अररिया : समान काम के लिए मिले समान वेतन, भेदभाव से मिले मुक्ति

संक्षेप:

अररिया में कृषि विज्ञान केन्द्र के कर्मियों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल की। उनकी प्रमुख मांगों में समय पर वेतन, समान नीति, प्रोन्नति और पेंशन शामिल हैं। कर्मियों ने धरने पर बैठकर भेदभाव और संवैधानिक लाभों की कमी के खिलाफ विरोध जताया।

Nov 17, 2025 04:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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अररिया, वरीय संवाददाता कृषि विज्ञान केन्द्र कर्मियों की लंबित मांगों की पूर्ति को लेकर फॉरम ऑफ़ केवीके और एआईसीआरपी के आह्वान पर सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र अररिया में कर्मी एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल पर रहे। इस दौरान धरना पर बैठकर अपनी नाराजगी जताई। धरना पर बैठे कृषि विज्ञान केन्द्र के कर्मियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में ससमय वेतन, एकसमान राष्ट्रीय नीति, परोदा समिति की रिपोर्ट को लागू करना, समान कार्य समान वेतन, भेदभाव से मुक्ति, प्रोन्नति, पेंशन अंशदान, चिकित्सा भत्ता का भुगतान, रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित करना एवं और देशभर के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में एकसमान निष्पक्ष नीति लागू करना आदि शामिल हैं।

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बताया कि 1974 से भारत सरकार के कार्य के लिए उसी के धनराशि से संचालित अभी फिलहाल देश भर में 731 कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं जिसमें कुल 88 कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मियों को प्रोन्नति, पेंशन, ग्रेच्युटी इत्यादि सभी सुविधाएं दी जाती है लेकिन शेष कृषि विज्ञान केंदों के साथ सौतेलापन व्यवहार करते हुए उनके कर्मियों को संवैधानिक लाभों से वंचित रखा जा रहा है। अभी दो साल से नवनियुक्त कर्मियों को अंशदायी पेंशन योजना के तहत नियोक्ता अंशदान भी नहीं दिया जा रहा है जो भारत के श्रम अधिनियम के विरुद्ध है। विदित हो कि पूरे देश में कृषि विज्ञान केदो के लिए शत प्रतिशत राशि भारत सरकार द्वारा दी जाती है और एक समान कार्यादेश के अनुसार सभी कृषि विज्ञान केंद्र में काम होते हैं लेकिन कर्मियों के साथ सौतेलापन एवं भेदभाव अपनाया जा रहा है। हाल ही वर्ष 2025 के जनवरी माह में बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के द्वारा कुछ वैज्ञानिकों को समय पूर्व रिटायर कर दिया गया तथा अनेकों वैज्ञानिकों के प्रोन्नतियों को रद्द कर कर दिया गया। परिषद द्वारा पांच अगस्त 2025 को एवं पुन: 13 नवंबर को इस दिशा में निर्देश जारी करने के बावजूद बिहार कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने गलत निकले गए आदेशों को वापस नहीं कर रहा है। इससे क्षुब्ध होकर राष्ट्रीय फॉरम के आह्वान पर देशभर में सभी कृषि विज्ञान केंद्र में आज एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल किया जा रहा है। यदि हमारी मांगे ससमय पूरी नहीं की जाती है तो आने वाले समय में जल्द ही हम लोग विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव करेंगे और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अटारी कार्यालय पटना का भी घेराव कर अपनी विरोध प्रदर्शन करेंगे।