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VIDEO: डाक बम बनकर बाबा वैद्यनाथ का जलाभिषेक करने कृष्णा बम सुल्तानगंज से रवाना

krishna mata bam gone from sultanganj to jalabhishek of baba baidyanath by becoming dak bam

उत्तरवाहिनी गंगा में रविवार को डूबकी लगाकर बाबा वैधनाथ को जलाभिषेक करने कृष्णा बम सुल्तानगंज से 38वीं बार डाक बम उठाकर देवघर के लिए रवाना हुईं। वह सोमवार को देवघर में जलाभिषेक करेंगी। सुल्तानगंज में रविवार की सुबह गंगाजल उठाने के पहले डा. राम कुमार गुप्ता के आवास पर कृष्णा बम ने डाक कांवर के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सबसे कठिन डाक कांवर है। इसके नियम का पालन होना चाहिए। 

निरंतर चल कर जल अर्पण करना चाहिए। रुक गए तो अशुद्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा नगरिया में जितने कांवरिया चलते हैं, उनकी आस्था देवघर से जुड़ी है। कांवरिया अपनी आस्था बरकरार रखें। बाबा सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। भोलेनाथ की पूजा अवश्य करें। उन्होंने बताया कि शिव का दर्शन साक्षात करना हो तो ज्योति स्वरूप शिवलिंग स्वरूप ओम स्वरूप का कैलाश मानसरोवर में होता है। जो अकाट्य है। भगवान वहां साक्षात दर्शन देते हैं। मुझे मानसरोवर में ज्योति का दर्शन हुआ। 

डाक बम के रूप में इस वर्ष 38 वां साल
वर्ष 2013 में प्रधानाध्यापिका की पद से सेवानिवृत्त हुए माता बम कई धर्म स्थलों की यात्रा कर चुकी हैं। डाक बम के रूप में इस वर्ष उनका 38 वां साल है। उन्होंने बताया कि बाबा के ऊपर अटूट श्रद्धा एवं विश्वास है, जब तक बाबा चाहेंगे तब तक आती रहूंगी।  

 

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