Know truth about escaped from prisoner ward of notorious Vikas Jha of Santosh Jha gang of Sitamarhi - सीतामढ़ी के संतोष झा गैंग के कुख्यात विकास झा के कैदी वार्ड से फरार होने का जानिए सच! DA Image

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सीतामढ़ी के संतोष झा गैंग के कुख्यात विकास झा के कैदी वार्ड से फरार होने का जानिए सच!

file photo of notorious crook vikas jha escaped from prisoner ward of bhagalpur medical college

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कैदी वार्ड से सोमवार सुबह सीतामढ़ी जिले के संतोष झा गिरोह का कुख्यात विकास झा बीते तीन दिनों से फरार होने की साजिश कर रहा था। आठ अगस्त को सिर में दर्द होने की शिकायत के बाद विकास झा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

उसका भाई आयुष झा तीन-चार लोगों के साथ अस्पताल के आसपास कैंप कर रहा था। सुबह-शाम मिलने के लिए भी वार्ड में जाता था। बाइक को सुबह के समय तैयार हालत में रखा जाता था। पुलिस अधिकारी का कहना है कि सुनियोजित साजिश के तहत विकास झा फरार हो गया है। दरभंगा में डबल इंजीनियर मर्डर केस में सजायाफ्ता विकास झा को सितंबर, 2018 में प्रशासनिक आधार पर सीतामढ़ी जेल से भागलपुर विशेष केन्द्रीय कारा लाया गया था। तृतीय खंड के सेल वार्ड में कुख्यात को रखा गया था। 

सिर में दर्द होने की शिकायत पर 13 दिनों से भर्ती था
आठ अगस्त को सिर में दर्द होने की शिकायत के बाद विकास झा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे सीतामढ़ी जिले के बथनाहा गांव के विकास झा और बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र के झखरा गांव के सुभाष झा को होमगार्ड जवान स्वामी शरण दास वार्ड से बाहर निकालकर हथकड़ी लगा रहे थे। इसी दौरान विकास झा ने होमगार्ड जवान को धक्का मारकर गिरा दिया। बाहर खड़े उसके ममेरे भाई आयुष झा ने होमगार्ड जवान के मुंह पर मिर्ची का पाउडर फेंक दिया। होमगार्ड जवान ने चिल्लाना शुरू किया तो सुरक्षा गार्ड उठकर बाहर आए। विकास झा का पीछा किया, लेकिन अस्पताल गेट पर खड़ी बाइक पर सवार होकर भाग गया। दूसरी बाइक पर आयुष झा भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह बैठ नहीं सका। वह डीएम कोठी की ओर पैदल भागा, लेकिन राहगीरों की मदद से आयुष झा को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे बरारी थाना लाया गया।

नेपाल सीमा पर भी पुलिस सतर्क 
सूचना मिलने पर एसएसपी आशीष भारती, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह और बरारी थानेदार सुनील कुमार झा अस्पताल पहुंचे। घटना की जांच की। एसएसपी ने गार्ड को कड़ी फटकार लगाई। एसएसपी ने जिले के सभी थाना क्षेत्र और नवगछिया एसपी को वाहन चेकिंग का निर्देश दिया। सुबह सात बजे से बाइक चेकिंग की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। गिरफ्तार आयुष झा से एसएसपी ने सबौर थाना में पूछताछ की। विकास झा के फरार होने को लेकर सीतामढ़ी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर एसपी को भी सूचना दी गई है। नेपाल सीमा पर भी पुलिस को सतर्क किया गया है। पुलिस को नेपाल भागने की आशंका है।

23 आपराधिक कांडों का आरोपी है विकास झा
पुलिस टीम अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर रही है। कुख्यात विकास झा दर्जन भर हत्या समेत 23 आपराधिक कांडों का आरोपी है। दरभंगा में 26 दिसंबर, 2015 को डबल इंजीनियर मर्डर केस में उसे 32 दिसंबर को नेपाल भागने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इंजीनियर मर्डर केस में दरभंगा कोर्ट से विकास झा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। गिरोह सरगना संतोष झा की हत्या के बाद विकास झा ही जेल से गिरोह का संचालन कर रहा था। नौ सितंबर, 2018 को जेल आईजी के निर्देश पर प्रशासिनक आधार पर उसे विशेष केन्द्रीय कारा, भागलपुर लाया गया था। जेल के अतिसुरक्षित तृतीय खंड के अंडा सेल में रखा गया था। जेल अधिकारी का कहना है कि 23 कांडों में पांच मामले में विकास झा को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
 
सिर में दर्द की शिकायत तो बहाना था
सीतामढ़ी में विकास महतो गिरोह द्वारा हमले के दौरान विकास झा को सिर में दर्द की शिकायत थी। जेल अस्पताल में इलाज चल रहा था। डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि विकास झा के सिर में दर्द की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जेल से रेफर करने वाले डॉक्टर का मंतव्य लिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 12 दिनों तक रखने का कोई मतलब नहीं था। घटना की गहराई से जांच कराई जाएगी। डीआईजी ने माना कि घटना के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है। 

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