किशनगंज: सेहतमंद जिंदगी के लिए स्वच्छ पेयजल का सेवन जरूरी
किशनगंज में कई दिनों से हो रही बारिश के कारण जल जमाव हो गया है, जिससे दूषित जल का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। सिविल सर्जन ने बताया कि दूषित पानी से दस्त, टाइफाइड, और अन्य जलजनित रोग हो सकते...

किशनगंज । एक प्रतिनिधि जिले में बीते कई दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से घर के आसपास एवं सड़क में जल जमाव की स्थिति उतपन्न हो गई है।ऐसे में स्वस्थ व सेहतमंद जिंदगी के लिये स्वच्छ पेयजल का सेवन बेहद जरूरी है। विशेषग्यों के मुताबिक दूषित जल के सेवन की वजह से हर साल जिले की बड़ी आबादी दस्त आदि गंभीर रोग का शिकार होती है। बताया कि जलजनित बीमारी कहीं भी किसी को भी प्रभावित कर सकती है। दूषित जल का सेवन कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।सिविल सर्जन डॉ.राजकुमार चौधरी ने कहा कि दूषित पानी का सेवन से बच्चे, बुजुर्ग में मधुमेह, हृदय, गुर्दा आदि के गंभीर मरीजों को इसका खतरा अधिक होता है।
उन्होंने कहा कि पानी में एक निर्धारित स्तर से अधिक मात्रा में लौह तत्व, फ्लोराइड व आर्सेनिक की मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। पेयजल में फ्लोराइड की अधिकता से फ्लोरिस नामक रोग होता है। इससे विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है। दूषित जल का सेवन बनता है कई गंभीर बीमारियों की वजह: सिविल सर्जन ने कहा कि दूषित पानी हेपेटाइटिश ए व ई का भी कारण बनता है।प्रदूषित पानी के सेवन व इसकी मदद से खाना पकाने पर जल जनित रोग व संक्रमण अमिबायसिस, गियाराडाइसिस, टोक्सोप्लास्मोसिस नामक रोग हो सकता है। दोनों बेहद संक्रामक रोग हैं। बैक्टीरिया दूषित भोजन के सेवन से या पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। जो हैजा, टाइफाइड बुखार का कारण बनता है। वहीं दूषित जल के सेवन से होने वाले अन्य प्रमुख बीमारियों में दस्त, पेचिश, पोलियो, मेनिन्जाइटिश सहित त्वचा में संक्रमण व आंख संबंधी संक्रामक बीमारी ट्रेकोमा जैसे रोग का नाम शामिल है। इसलिये स्वच्छ पेयजल के महत्व को समझ कर इसका नियमित सेवन स्वस्थ जीवन के लिये जरूरी है। जलजनित बीमारियों बचाव के प्रति रहें गंभीर: जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ.मंजर आलम ने कहा कि जिले में लगातार हो रही बारिश से जलजमाव एवं बाढ़ग्रस्त इलाकों में डायरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, टायफाइड, गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस, मलेरिया, नेत्र व चर्मरोग जैसी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इससे बचाव को लेकर लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिये जरूरी है कि पानी हमेशा उबाल कर पीयें, गर्म व ताजा भोजन का उपयोग करें, पेयजल को शुद्ध बनाने के लिये क्लोरिन का इस्तेमाल करें। जहां तक संभव हो सके गीले कपड़ों से परहेज करें। खुले में शौच नही करें।
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