Khagaria Lok Sabha seat: fighting will be between NDA And Mahagathbandhan and both are watching at muslim and yadav equation - खगड़िया लोकसभा सीट पर एनडीए Vs महागठबंधन, दोनों की नजर माय समीकरण पर DA Image

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खगड़िया लोकसभा सीट पर एनडीए Vs महागठबंधन, दोनों की नजर माय समीकरण पर

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खगड़िया संसदीय सीट पर अब तक किसी भी राजनीतिक दल द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा नहीं किये जाने से संशय की स्थिति है। फिलहाल जो तस्वीरें उभर रही हैं उसके मुताबिक मुख्य मुकाबला एनडीए व महागठबंधन के बीच ही होगा।
 
यहां माय समीकरण काफी अहमियत रखता है
यादव बहुल क्षेत्र होने के कारण यहां माय समीकरण काफी अहमियत रखता है। यही कारण है कि एनडीए जहां इसमें घुसकर सेंधमारी की कोशिश में है वहीं महागठबंधन माय समीकरण को मजबूती के साथ बचाये रखना चाहती है। दोनों ही गठबंधन के लिए यह बड़ी चुनौती है। 2014 के लोसभा चुनाव की बात करें तो माय समीकरण के बिखरने से एनडीए के लोजपा प्रत्याशी चौधरी महबूब अली कैसर की आसान जीत हुई थी। इस चुनाव में राजद ने पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव को खड़ा किया था तो जदयू ने पूर्व सांसद दिनेश चन्द्र यादव पर भरोसा जताया था।
 
चुनाव परिणाम अप्रत्याशित देखने को मिला
जदयू के दिनेश चन्द्र यादव 2009 के लोकसभा चुनाव में विजयी रहे थे। कृष्णा यादव पूर्व विधायक व बाहुबली रणवीर यादव की पत्नी थीं। वहीं एनडीए ने लोजपा उम्मीदवार महबूब अली कैसर को खड़ा किया। वे तब कांग्रेा से लोजपा में शामिल हुए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में यादव मतों के बिखरने व कुछ अल्पसंख्यकों के लोजपा के पक्ष में जाने से चुनाव परिणाम अप्रत्याशित देखने को मिला। हालांकि उस समय प्रधानमंत्री मोदी की लहर थी। 

तो चुनाव परिणाम कुछ और हुआ होता
इस चुनाव में राजद की कृष्णा कुमारी यादव को दो लाख 27 हजार 803 वोट मिले तो जदयू के दिनेश चन्द्र यादव को दो लाख 20 हजार 316 मतों से ही संतोष करना पड़ा। लोजपा के चौधरी महबूब अली कैसर तीन लाख 13 हजार 803 वोट लाकर चुनावी जंग जीत गये। इस तरह उन्हें पहली बार संसद जाने का अवसर मिला। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि त्रिकोणीय मुकाबला नहीं हुआ होता और माय समीकरण एकजुट रहता तो चुनाव परिणाम कुछ और हुआ होता। यही कारण है कि इस बार प्रत्याशियों का चयन काफी सोच-समझ कर किया जा रहा है। यहां बता दें कि खगड़िया जिले में तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होना है।

छह में से पांच पर विधानसभा में जदयू का कब्जा
खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के छह विस क्षेत्रों में से पांच पर जदयू तो एक पर राजद का कब्जा है। खगड़िया सदर, परबत्ता, बेलदौर, सिमरी बख्तियारपुर व हसनपुर पर जदयू का तो वहीं अलौली सुरक्षित सीट पर राजद का कब्जा है। खगड़िया सदर की पूनम देवी यादव, परबत्ता के आरएन सिंह, बेलदौर से पन्ना लाल पटेल, सिमरी बख्तियारपुर के दिनेश चन्द्र यादव व हसनपुर के राज कुमार विधायक हैं जबकि अलौली के विधायक चंदन कुमार हैं।

16.53 लाख मतदाता करेंगे भाग्य का फैसला
इस बार के लोकसभा चुनाव में 16 लाख 53 हजार 928 मतदाता सांसद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इसमें आठ लाख 73 हजार 363 पुरुष तो  सात लाख 80 हजार 525 वोटर महिला हैं। इसके अलावा 40 थर्ड जेंडर के भी वोटर हैं। इस संसदीय क्षेत्र में समस्तीपुर के हसनपुर व सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर शामिल हैं। खगड़िया जिले के चार विस क्षेत्र में खगड़िया सदर, अलौली सुरक्षित, परबत्ता व बेलदौर शामिल हैं। 
 

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