
जमुई : नहाय-खाय के साथ जिउतिया पर्व शुरू, 24 घंटे का उपवास
जमुई में जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) का आरंभ निवार से हो गया। महिलाएं पवित्र जल से स्नान के बाद शुद्ध भोजन बनाकर देवताओं को भोग अर्पित करेंगी। रविवार को 24 घंटे का निर्जला उपवास रखा जाएगा। व्रत कथा...
जमुई। नगर प्रतिनिधि नहाय-खाय के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) का आरंभ निवार से हो गया। शनिवार को पवित्र जल से स्नान आदि के बाद व्रती महिलाओं ने अपने हाथों से शुद्ध सात्विक भोजन बनाया और अभीष्ट व ईष्टदेव तथा पुरखों को भोग लगा कर प्रसाद स्वरूप इसे ग्रहण किया। व्रती रविवार को निर्जला उपवास रखेंगी। जबकि सोमवार को सूयोदय के बाद पारण कर व्रत का समापन करेंगी। इस बीच, व्रतियों द्वारा व्रत कथा श्रवण को लेकर विप्रजनों की व्यस्तता भी दिख रही है। विप्रजन अभी से ही यजमानों से वार्ता कर तैयारी में लग गए हैं। रविवार को अष्टमी तिथि में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु व सुख-समृद्धि के लिए 24 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी।

इस में जिमुतवाहन की पूजा कर व्रती विप्रजनों से अथवा अपने घर के किसी सदस्य से व्रत कथा सुनेंगी। मान्यता है कि जो माताएं यह व्रत रखती हैं उनकी संतान पर किसी प्रकार की बला नहीं आती। उपवास और पूजन आदि के बाद सोमवार को पारण के पूर्व व्रती महिलाएं झिंगी के पत्ते पर जिमुतवाहन, चील और सियार को खीरा और अक्षत आदि का भोग चढ़ाएंगी। चील को चढ़ा भोग छत पर और सियार को चढ़ा भोग घर के बाहर रखा जाएगा। नहाय-खाय को लेकर शनिवार को सब्जी बाजार में खूब भीड़भाड़ और गहमागहमी रही। इसके साथ ही अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी भी परवान पर रही। पर्व को लेकर बाजार काफी खुश रहा। नहाय-खाय में प्रयुक्त होने वाली अनिवार्य सब्जियों कंदा के साथ ही कद्दू,सतपुतिया झिंगी और गोलवा की साग आदि की खरीदारी की धूम रही। इसके अलावा चने की दाल तथा मड़ुआ का आटा की बिरी भी जम कर होती रही। रविवार को सब्जी बाजार में शनिवार से भी अधिक तेजी रहेगी। शनिवार के नहाय-खाय के विधान के बाद रविवार की अहले सुबह लगभग चार बजे के आसपास व्रती महिलाएं सरगही का विधान करेंगी। इसके तहत शर्बत पीने के अलावा केला आदि फल अथवा कोई मीठी सामग्री खा कर व्रत का संकल्प लिया जाता है और फिर पूरे 24 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ किया जाएगा।

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