
जमुई : छात्र देश की ऊर्जा, उम्मीद और भविष्य की हैं निर्णायक शक्ति
17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया गया। जमुई में एक चर्चा कार्यक्रम में डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि छात्रों का राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान होता है। छात्र इतिहास को बदलने और रचने की शक्ति रखते हैं। वे देश के भविष्य और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जमुई। प्रतिवर्ष 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस पर राष्ट्र निर्माण में छात्रों का योगदान विषय पर नगर परिषद जमुई में एक परिचर्चा कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के बतौर बोलते हुए केकेएम कॉलेज के वरिष्ठ सहायक प्राचार्य डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि विश्व में जहां कहीं भी सत्ता और सामाजिक परिवर्तन हुए हैं, उनमें छात्रों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। छात्र इतिहास बदलते भी हैं,और रचते भी हैं। छात्र किसी देश की ऊर्जा, उम्मीद और भविष्य की निर्णायक शक्ति होते हैं। छात्र ज्ञान को समाज की प्रगति में बदलने वाले सबसे बड़े परिवर्तनकर्ता हैं।
यदि देश के छात्र अपना लक्ष्य स्पष्ट, सोच सकारात्मक और कर्तव्य दृढ़ रखें तो राष्ट्र स्वत प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि छात्र ही विकसित भारत @ 2047 के रचनाकार हैं। ये राष्ट्र का भविष्य एवं परिवर्तन की धुरी हैं। इनके योगदान के बिना विकसित राष्ट्र की कल्पना मुमकिन नहीं है। युवा शक्ति ही परिवर्तन का असली ईंधन हैं। अतः छात्र शक्ति का सदुपयोग होना चाहिए। प्रो.पासवान ने कहा कि छात्र या यूथ परमाणु और हाइड्रोजन बम का मिश्रित रूप होते हैं। उनके एक हाथ में विषकुंभ तो दूसरे हाथ में अमृत कलश हैं। छात्र सत्यम- शिवम- सुंदरम के सच्चा स्वरूप भी हैं। इस शक्ति का प्रयोग सदा रचनात्मक कार्य में हो, न कि विध्वंसात्मक कार्यों में होना चाहिए। मौके पर उपस्थित एकलव्य कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निरंजन कुमार दुबे ने कहा कि छात्र समाज और राष्ट्र में समानता, न्याय तथा भाईचारे के भाव को फैलाने वाले प्रमुख संवाहक हैं। वे ही राष्ट्र के कर्णधार हैं। युवाओं के अंदर की आग ही देश को प्रगति की लौ देती है। एसपीएस महिला कॉलेज के इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री संजीव कुमार सिंह ने कहा कि आज का छात्र ही कल का निर्माता है। देश बदलने की ताकत केवल शिक्षित, जागृत और संकल्पित छात्र ही रखते हैं। छात्र अपने योगदान द्वारा राष्ट्र को उन्नत और समृद्ध बना सकते हैं। पर छात्र तभी योगदान दे पाते हैं, जब वे अपनी निष्ठा और सत्य आचरण को श्रेष्ठ और महान बनाकर कार्य क्षेत्र में उतरते हैं। केकेएम कॉलेज के रसायन विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एस. के. झा ने कहा कि छात्र समाज के आशा सुमन हैं। वे विश्व की प्रेरणा प्रदीप हैं। राष्ट्र के प्रति छात्रों का कार्य क्षेत्र बहुत ही अद्भुत और अनुपम रहा है, आज भी है, और कल भी रहेगा।

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