भागलपुर : एसबीआई को छोड़कर तमाम बैंककर्मी हड़ताल पर
भागलपुर में एसबीआई को छोड़कर अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों की हड़ताल का अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। कई बैंकों की शाखाएं बंद हैं और एटीएम में कैश की कमी हो रही है। कर्मचारियों ने यूनियन अधिकारों की रक्षा, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अन्य मुद्दों पर प्रदर्शन किया।

भागलपुर। एसबीआई को छोड़कर शेष राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों की हड़ताल का भागलपुर की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। करीब दो से ज्यादा बैंकों की शाखाएं नहीं खुलीं। एटीएम में दोपहर बाद से कैश की किल्लत होने लगी है। कई एटीएम को तो शटर गिरा दिया गया है। दरअसल, बिहार प्रोविंशियल बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन की जिला इकाई द्वारा बुधवार को बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक के आंचलिक कार्यालय के समीप गुरुवार की एक दिवसीय हड़ताल को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। सभा की अध्यक्षता करते हुए एपी सिंह ने कहा कि चार नए लेबर कोड लागू होने से कर्मचारियों के यूनियन बनाने, सामाजिक सुरक्षा और वेतन जैसे मौलिक अधिकार छिन जाएंगे।
महासचिव अरविंद कुमार रामा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, बैंकों में नई नियुक्तियों, एनपीए रिकवरी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग दोहराई। सभा में कामरेड मनोज कुमार घोष, कृष्ण कुमार, नवनीत कुमार समीक्षा कुमारी, मरियम, मानतोष कुमार और सुनील तांती सहित लगभग 60 सदस्य उपस्थित थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



