
बोले पूर्णिया : विद्यालय की अतिक्रमित जमीन पर बने ग्रीन पार्क
पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र के मध्य विद्यालय बाड़ीहाट की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में निष्क्रिय है। विद्यालय परिसर में गंदगी और जलजमाव के कारण छात्रों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय पार्षद ने ग्रीन पार्क निर्माण की मांग की है।
-प्रस्तुति : मुकेश कुमार श्रीवास्तव
पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत स्थित मध्य विद्यालय बाड़ीहाट की सरकारी जमीन आज गंभीर अतिक्रमण की चपेट में है। विद्यालय परिसर की पूरब और पश्चिम दोनों दिशाओं से जमीन पर अवैध कब्जा किया जा चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर निगम प्रशासन अब तक इस मामले में मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय की बहुमूल्य जमीन को न सिर्फ अतिक्रमित किया गया है, बल्कि पूरब दिशा में बनी बाउंड्रीवाल को तोड़कर पक्का मकान तक खड़ा कर लिया गया है। इसके बावजूद आज तक नगर निगम स्तर से अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस पहल नहीं की गई। स्थानीय नागरिकों के अनुसार मध्य विद्यालय बाड़ीहाट की जमीन वर्षों से असुरक्षित है। विद्यालय के पूरब भाग में बाउंड्रीवाल नहीं होने का फायदा उठाकर आसपास रहने वाले लोगों ने धीरे-धीरे जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। पहले अस्थायी ढांचे बनाए गए, फिर बाउंड्रीवाल तोड़कर पक्का निर्माण तक कर लिया गया। पश्चिम दिशा में भी अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरकारी जमीन के संरक्षण की जिम्मेदारी नगर निगम की होने के बावजूद प्रशासन की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
अतिक्रमण की समस्या यहीं तक सीमित नहीं है। विद्यालय की जमीन को आसपास के घरों द्वारा कचरा फेंकने और गंदा पानी बहाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। नालियों का पानी खुले में बहने से वहां जलजमाव और दुर्गंध की स्थिति बनी रहती है। इससे न सिर्फ विद्यालय के छात्रों को परेशानी होती है, बल्कि आसपास के लोगों का भी रहना दूभर हो गया है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि गंदगी और अस्वच्छ माहौल का सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। विद्यालय परिसर के पास गंदा पानी और कचरे का ढेर होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार मध्य विद्यालय बाड़ीहाट की जमीन का ऐतिहासिक महत्व भी है। वे बताते हैं कि अंग्रेजी शासनकाल में यह स्थान दरभंगा महाराज की कचहरी हुआ करता था। यहीं से राज दरभंगा के कई प्रशासनिक कार्यों का संचालन किया जाता था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह जमीन नगर पालिका को सौंप दी गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से यहां विद्यालय की स्थापना की गई। इस जमीन पर आज अतिक्रमण होना न सिर्फ प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के प्रति लापरवाही का भी उदाहरण है। स्थानीय लोग मानते हैं कि समय रहते इस जमीन को संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां इस विरासत से वंचित हो जाएंगी। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की भूमिका को लेकर उठ रहा है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम केवल नोटिस तक सीमित रह जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं होती। लोगों का यह भी आरोप है कि नगर निगम की निष्क्रियता के कारण ही अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर पक्का निर्माण करने में सफल हो गए। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि यदि जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराकर सुरक्षित किया जाए, तो बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक और खेल सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए उपयोगी साबित होगा
स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए वार्ड पार्षद प्रीति पांडेय ने बाड़ीहाट मध्य विद्यालय के क्रीड़ा मैदान के पूरब भाग में ग्रीन पार्क निर्माण की मांग महापौर से की है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय की जमीन पर ग्रीन पार्क विकसित कर दिया जाए, तो इससे न सिर्फ जमीन का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को एक स्वच्छ और हरित वातावरण भी मिलेगा। वार्ड पार्षद ने बताया कि ग्रीन पार्क बनने से अतिक्रमण की समस्या पर स्वतः रोक लगेगी। साथ ही यह क्षेत्र बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए उपयोगी साबित होगा। वही स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रीन पार्क का निर्माण इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। पार्क बनने से जहां विद्यालय की जमीन सुरक्षित रहेगी, वहीं आसपास के क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी। बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं यहां टहलने और योग-व्यायाम कर सकेंगे। छात्र और युवा वर्ग भी पढ़ाई के तनाव से मुक्त होकर स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकेंगे। जब जमीन का उचित उपयोग होगा, तो लोग वहां कचरा फेंकने या गंदा पानी बहाने से बचेंगे। इससे विद्यालय परिसर का माहौल भी सुधरेगा।नगर निगम की निष्क्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर नगर निगम से हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी जमीन किसी की निजी संपत्ति नहीं है और इसे अतिक्रमण से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
शिकायत
1. मध्य विद्यालय बाड़ीहाट की जमीन को पूरब और पश्चिम दोनों ओर से अतिक्रमित कर लिया गया है।
2. जमीन संरक्षण की जिम्मेदारी निगम की है, अतिक्रमण की जानकारी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
3. विद्यालय की जमीन पर आसपास के घरों से गंदा पानी बहाया जा रहा है और कचरा फेंका जा रहा है।
4. ऐतिहासिक स्थल पर अतिक्रमण होना सांस्कृतिक विरासत के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
5. विद्यालय का क्रीड़ा मैदान लगातार छोटा होता जा रहा है। इससे बच्चों की खेलकूद गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
सुझाव
1. नगर निगम को चाहिए कि मध्य विद्यालय बाड़ीहाट की जमीन से सभी अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाए।
2. विद्यालय की जमीन के पूरब और पश्चिम दोनों ओर मजबूत बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए।
3. पूरब भाग में ग्रीन पार्क बने, इससे जमीन सुरक्षित रहेगी व बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओंको हरित वातावरण मिलेगा।
4. नगर निगम द्वारा विद्यालय की जमीन की नियमित निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी नामित किए जाएं।
5. ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए निगम के अभिलेखों में ऐतिहासिक स्थल के रूप में चिन्हित किया जाए।
हमारी भी सुनें
मध्य विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण चिंताजनक है। शिक्षा संस्थान के भविष्य से खिलवाड़ है। नगर निगम को अविलंब अतिक्रमण हटाकर इस ऐतिहासिक भूमि को सुरक्षित करना चाहिए।- अभिमन्यु कुमार
सरकारी जमीन पर पक्का मकान बन जाना लापरवाही को दर्शाता है। विद्यालय परिसर को गंदगी से मुक्त कर छात्रों के लिए स्वच्छ वातावरण बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। -अरूण कुमार वर्मा
विद्यालय की जमीन पर गंदा पानी और कचरा फेंका जाना बेहद शर्मनाक है। नगर निगम को चाहिए कि अतिक्रमण हटाने के साथ सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करे व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।- शिव शंकर
यह कभी दरभंगा महाराज की कचहरी थी। ऐसी धरोहर को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। निगम यदि अब भी नहीं जागा तो सामाजिक स्तर पर आंदोलन करना पड़ेगा।- ए.के. चांद
क्रीड़ा मैदान सिकुड़ रहा है, बच्चों की खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रीन पार्क का निर्माण एक बेहतर समाधान है, जिससे जमीन भी सुरक्षित रहेगी व बच्चों-युवाओं को स्वस्थ माहौल मिलेगा। - गोपी सिंह
सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण वर्षों से हो रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। ग्रीन पार्क बनने से अतिक्रमण रुकेगा और स्थानीय महिलाओं व बुजुर्गों को टहलने की सुरक्षित जगह मिलेगी।- बउआ पांडेय
विद्यालय की जमीन का संरक्षण बेहद जरूरी है। यदि चारदीवारी नहीं बनी तो अतिक्रमण जारी रहेगा। नगर निगम को तुरंत बाउंड्रीवाल बना ग्रीन पार्क योजना को लागू करना चाहिए। - जय श्रीवास्तव
विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान है। यहां गंदगी और अतिक्रमण होना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। प्रशासन को कठोर कदम उठाकर दोषियों को चिन्हित करना चाहिए।-ओम प्रकाश सिंह
बच्चों व महिलाओं को असुरक्षित माहौल में रहना पड़ रहा है। ग्रीन पार्क बनने से स्वच्छता, सुरक्षा और हरियाली सुनिश्चित होंगी। नगर निगम को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। - अनंत मोहन प्रभाकर
सरकारी जमीन पर कब्जा होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। नगर निगम यदि आज कार्रवाई नहीं करेगा, तो कल अन्य विद्यालयों की जमीन भी खतरे में पड़ जाएगी। - पिंटू कुमार
विद्यालय की जमीन पर बहता गंदा पानी और कचरे का ढेर बीमारियों को न्योता दे रहा है। बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए अतिक्रमण हटाना व ग्रीन पार्क निर्माण आवश्यकता बन चुकी है। - विक्रम कुमार
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐतिहासिक और शैक्षणिक भूमि पर अवैध निर्माण हो रहा है। निगम को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रीन पार्क बनने से दिशा मिलेगी।- संतोष कुमार
बाड़ीहाट विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। यदि चारदीवारी और नियमित निगरानी नहीं हुई तो हालात और बिगड़ेंगे। ग्रीन पार्क एक समाधान हो सकता है।- लडू नायक
विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण बच्चों के अधिकारों का हनन है। शिक्षा व खेल प्रभावित हो रहे हैं। निगम को राजनीति से ऊपर उठकर अतिक्रमण मुक्त कर ग्रीन पार्क निर्माण की पहल करनी चाहिए। - संजीत कुमार
बोले जिम्मेदार
जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जांच के आधार पर अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय की जमीन को संरक्षित रखने के लिए आवश्यकतानुसार बाउंड्रीवाल निर्माण एवं ग्रीन पार्क प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
- कुमार मंगलम, नगर आयुक्त पूर्णिया।
नगर निगम और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है। अवैध निर्माण चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिए चारदीवारी निर्माण और प्रस्तावित ग्रीन पार्क योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि जमीन स्थायी रूप से सुरक्षित रह सके। - विजय कुमार खेमका, विधायक

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