ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहार भागलपुरआप भगवान की इज्जत नहीं करेंगे तो कौन करेगा: जया किशोरी

आप भगवान की इज्जत नहीं करेंगे तो कौन करेगा: जया किशोरी

भागलपुर, वरीय संवाददाता आज लोग भगवान का मजाक बना रहे हैं। भगवान पर हंस रहे

आप भगवान की इज्जत नहीं करेंगे तो कौन करेगा: जया किशोरी
हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरMon, 04 Dec 2023 01:45 AM
ऐप पर पढ़ें

भागलपुर, वरीय संवाददाता
आज लोग भगवान का मजाक बना रहे हैं। भगवान पर हंस रहे हैं। ऐसा कतई नहीं करें। आप भगवान की इज्जत नहीं करेंगे तो कौन करेगा। ऐसा करने वाले लोग भी जब बुरे वक्त में होते हैं तो भगवान ही उनका निदान करते हैं। ये ऐसे व्यक्ति होते हैं जो सभी के सामने भगवान का मजाक बनाते तो हैं, लेकिन जब दर्द पर होते हैं तो सबसे पहले भगवान को याद करते हैं।

उक्त बातें रविवार को श्री गुरु सेवा समिति की ओर से गोशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथावाचिका जया किशोरी ने कहीं। उन्होंने कहा कि मजाक करना बंद कर देंगे तो मजाक होना ही बंद हो जाएगा। कोई व्यक्ति भी किसी से मजाक करता है तो उसे दूसरे की बात को भी सुनने की क्षमता होनी चाहिए। अगर मजाक बंद हो जाए तो कई हिंसा खुद रूक जायेगी। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रासलीला पर चर्चा करते हुए जया किशोरी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ नृत्य किया। सभी जानते थे कि श्रीकृष्ण कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। जब इंसान अधिक खुश होता है तो उनका नृत्य ही बाहर आता है। वे झूमते-गाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मां-बाप कहते हैं लड़का बड़ा हो गया है, उनको जिम्मेदारी का अहसास नहीं है। शादी करा दो, वे जिम्मेदार खुद बन जायेंगे। विवाह कोई चेक लिस्ट में नहीं आता है। शादी एक ऐसा शब्द है जिसे सोच-समझकर अपनाना चाहिए। कोई व्यक्ति अपने जीवन का 50-60 साल या पूरी जिंदगी उसके हो जाते हैं। उनके साथ तमाम उम्र बिताना है। इसीलिए शादी हमेशा सोच-समझकर करनी चाहिए।

पृथ्वी पर आकर भगवान ने भी कष्ट झेले

कथावाचिका जया किशोरी ने कहा कि भगवान ने पृथ्वी पर आकर आम मनुष्य के तरह कष्ट झेला और अपने मकसद में कामयाब हुए। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारने से पहले कई तकलीफें उठायीं। ऐसा ही भगवान श्रीराम के साथ हुआ। वे भी वनवास गये।

मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया...

जया किशोरी ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण में झूमाया। मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया...,चलो रे मन श्री वृंदावनधाम..., जय-जय राधा रमण हरि बोल... आदि गीत पर श्रद्धालुओं की तालियां बजती रहीं। इससे पूर्व आरती यजमान प्रशांत बाजोरिया व रेशम बाजोरिया ने की। उधर, पीआरओ दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन आज हो जायेगा। अंतिम दिन कथा की शुरुआत दोपहर एक बजे से होगी। इस मौके पर अध्यक्ष श्रवण कुमार बाजोरिया, अनिल खेतान, ओमप्रकाश कनोडिया, पप्पु बुधिया, अभिषेक, शरद सलारपुरिया, रोहित पांडेय आदि मौजूद थे।

भीड़ उमड़ी, मुख्य गेट तोड़ने की कोशिश

रविवार होने की वजह से कथा सुनने से पहले काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गये थे। भीड़ के कारण मुख्य गेट को बंद कर दिया। आक्रोशित लोगों ने गेट तोड़ने की कोशिश की। कई लोगों ने कहा कि ऐसा आयोजन बड़ी जगह पर होना चाहिए था। भीड़ के कारण कई लोग वापस लौट गये। भीड़ में आधा घंटे से अधिक समय तक लोग फंसे रहे। उससे जब निकले तो राहत की सांस ली। कथा के दौरान जया किशोरी को भी कहना पड़ा। शांत रहें, तभी कथा पूरी हो पाएगी।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें