Bhagalpur News: मायागंज अस्पताल: जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत अधूरी

हिन्दुस्तान, भागलपुर
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Bhagalpur News: फोटो हिन्दुस्तान पड़ताल कहीं बड़े हादसे का कारण न बन जाए मायागंज अस्पताल

Bhagalpur News: मायागंज अस्पताल: जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत अधूरी

Bhagalpur News: भागलपुर, वरीय संवाददाता। मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) की जर्जर इमारत की मरम्मत का कार्य तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 2023 में मिशन परिवर्तन अभियान चलाकर अस्पताल के सर्जरी इमरजेंसी विभाग की मरम्मत से काम शुरू किया गया था। इसके बाद इंडोर विभाग के बाहरी हिस्से में टूटे हिस्सों की मरम्मत व रंग रोगन कर काम बंद कर दिया गया।

अस्पताल की जर्जर स्थिति

स्थिति यह है कि इंडोर विभाग के सामने से मरम्मत कार्य किया गया, जबकि पिछली दीवार की स्थिति जस की तस है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 करोड़ रुपए आवंटन के बावजूद अबतक अस्पताल की सूरत नहीं बदली है। इस कारण अस्पताल के कई हिस्सों में अब भी स्थिति जर्जर है। विशेष रूप से ओपीडी भवन के दोनों गैलरी की बाहरी दीवार जगह-जगह टूट गयी है। कई जगह मलबा लटक रहा है। ओपीडी के सर्जरी विभाग की बाहरी दीवार, दवा काउंटर के ऊपर, गायनी विभाग के पीछे का नजारा किसी खंडहर जैसा दिखता है।

मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा

अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है। अस्पताल के ओपीडी और इंडोर विभाग के कई स्थानों पर छत और दीवारों का मलबा लटका हुआ है। भवन के टूटे-फूटे हिस्से तेज हवा चलने पर भी झड़ने लगते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में इस स्थिति को लेकर चिंता देखी जा रही है। 2024 में ओपीडी में मेडिसिन विभाग के सामने छज्जा व रेलिंग टूटकर महिला मरीजों के ऊपर गिर गया था। घटना में आधा दर्जन महिलाएं घायल हो गई थीं। यहां पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ शेड लगा दिया गया, जबकि दीवार की स्थिति जस की तस है। वहीं गायनी व सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थियेटर के बाहर भी मलबा गिरने से कई मरीज बाल-बाल बचे थे।

अस्पताल की मरम्मत की मांग

अस्पताल की जर्जर स्थिति देखकर लगता है डर

बुधवार को ओपीडी में इलाज कराने आए मरीज के परिजन शंकर सिंह ने बताया कि ओपीडी के बाहरी दीवार को देखकर डर लगता है। कहीं टूटकर सिर पर न गिर जाए। इलाके का सबसे बड़ा अस्पताल मायागंज है। मायागंज अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन और अधूरी मरम्मत किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। वहीं मरीज के परिजन देवेंद्र कुमार ने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा कराने और अस्पताल भवन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि मरीजों और कर्मचारियों को किसी प्रकार के खतरे का सामना न करना पड़े। बता दें कि बीते माह तूफान आने के कारण भी इंडोर विभाग की खिड़की व दीवार टूट गयी थी। कई मरीज घायल भी हुए थे।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

कोट :

पहले अस्पताल की मरम्मत की जिम्मेदारी अधीक्षक की थी। भवन निर्माण विभाग से संपर्क कर मेंटेनेंस कराया जाता था। अब भवन निर्माण व मरम्मत का कार्य बिहार मेडिकल सर्विस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन की है। वहां के कर्मियों द्वारा बीच-बीच में मरम्मत का कार्य कराया जाता है। जल्द काम पूरा करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है, फिर से रिमाइंडर भेजेंगे।

-डॉ. एचपी दुबे, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायागंज अस्पताल की स्थिति कैसी है?
मायागंज अस्पताल की स्थिति जर्जर है और मरम्मत का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
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