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बिहार: डीएम आवास के बाहर धरने पर बैठीं उनकी पत्नी और सास, जानिए फिर क्या हुआ?

high voltage drama at JAMUI DM house in bihar

1 / 3डीएम आवास परिसर में बुधवार को धरने पर बैठी पत्नी वत्सला व सास।

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2 / 3डीएम आवास के बाहर गेट खुलने का इंतजार करती पत्नी वत्सला।

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3 / 3डीएम आवास के बाहर जुटी तमाशाइयों की भीड़।

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यूपीएससी की परीक्षा में 25वां रैंक लाने वाले धर्मेंद्र कुमार को क्या पता था कि उनका वैवाहिक जीवन इतनी जल्दी तबाही के कगार पर पहुंच जाएगा। धूमधाम से बड़े परिवार में हुई शादी कुल तीन साल ही चल पाई थी कि उनको तलाक के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ी और खुद उनके खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज हो गया।

मामला यहीं तक नहीं रुका। नाराज पत्नी पहले महिला आयोग की शरण में चली गईं, फिर मां के साथ बुधवार की सुबह जमुई स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। जिलाधिकारी आवास पर सुबह से देर रात तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

आईएएस (वर्तमान में जमुई के जिलाधिकारी) धर्मेन्द्र कुमार की पत्नी वत्सला सिंह अपनी मां के साथ सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनके सरकारी आवास के मुख्य द्वार पर पहुंची और अंदर जाने का प्रयास किया। सुरक्षा गार्ड ने कुछ देर रोका मगर तमतमाईं वत्सला को ज्यादा देर नहीं रोक सके। वे अपनी मां के साथ आवास परिसर में पहुंच गईं, जहां दोनों को बताया गया कि डीएम जमुई से बाहर हैं, मगर वे डटी रहीं। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गयी। 

मीडियाकर्मी अभी पहुंच कर फोटोग्राफ के लिए प्रयास ही कर रहे थे कि सोशल मीडिया पर फोटो आने लगे। वत्सला पेपर बिछाकर जमीन पर बैठ गईं। इस दौरान महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंची। एसडीएम लखीन्द्र पासवान, एसडीपीओ रामपुकार सिंह भी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने मैडम को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थीं।

मीडियाकर्मी प्रसास करके भी डीएम की पत्नी से बात नहीं कर सके। देर रात तक यही नजारा रहा। उधर टेलीफोन पर बातचीत में डीएम ने कहा कि अगर कोई जमीन पर बैठ रहा हो तो हम क्या कर सकते हैं। न्यायालय पर पूर्ण आस्था है। पत्नी के साथ न्यायालय में मामला चल रहा है। जो भी फैसला आयेगा, उसे मानेंगे। डीएम ने यह भी कहा कि पूर्व में भी दहेज प्रताड़ना में पूरे परिवार वालों को फंसाया गया था। इस वजह से इस मामले में वे कुछ नहीं कह सकते हैं। 

इधर वत्सला ने कहा कि वह हमेशा से साथ रहना चाहती थी और आज भी चाहती है। इसीलिए अपने पति के पास रहने आई है लेकिन बाहर बिठा दिया गया है। पानी तक नहीं दिया जा रहा। जानवर से भी बदतर सलूक हो रहा है, यह कहां का न्याय है।
 
डीएम आवास के बाहर सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम
वत्सला के धरने के बाद डीएम आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गयी। आवास के अंदर एसडीएम और एसडीपीओ के अलावे कई महिला पुलिसकर्मी तैनात दिखीं। बाहर नगर थाना की पुलिस लगी रही। थानाध्यक्ष संजय विश्वास घंटों डीएम आवास के बाहर ही डटे रहे। आवास परिसर में आने-जाने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जा रही थी।  

डीएम आवास के कर्मचारी रहे बाहर
डीएम आवास में तैनात कर्मचारियों को बाहर जाने को कह दिया गया था। सारे कर्मचारी आवास पर बाहर से ही नजर रख रहे थे। कुक से लेकर काम करने वाला हर कर्मचारी इस बात को लेकर परेशान था। डीएम की पत्नी के साथ आये लोगों द्वारा बाहर से आवास परिसर में पानी और खाना भिजवाया गया। कई कर्मचारी घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंचे, मगर वे भी अंदर नहीं जा सके। 

जमीन पर पेपर बिछाकर लेट गयी मां-बेटी
डीएम आवास के अंदर प्रवेश नहीं मिलने के बाद वत्सला और उसकी मां परिसर में ही पेपर बिछाकर लेट गयीं। हालांकि बगल में रखी कुर्सी रखी हुई थी। मगर वे बार बार आवास के अंदर प्रवेश करना चाह रही थीं। इस दौरान पत्नी डीएम से भी बात करने की कोशिश कर रही थीं। उन दोनों के साथ आये कुछ लोग मोबाइल से फोटो लेने और वीडियो बनाने में व्यस्त दिखे। 

शादी के बाद पति-पत्नी में शुरू हुआ था विवाद
जमुई के डीएम धमेंद्र कुमार की शादी 11 मार्च 2015 को पटना जिला अंतर्गत बाढ़ निवासी आशीर्वाद पाइप और कामधेनु सरिया के मालिक विनय की बेटी वत्सला सिंह से हुई। शादी के कुछ दिन बाद से ही दोनों एक दूसरे से असहज महसूस करने लगे थे। धीरे-धीरे विवाद गहराता गया और सात मार्च 2018 को डीएम ने पत्नी से तलाक के लिए न्यायालय में अर्जी दे दी। उनपर भी दहेज उत्पीड़न का मामला न्यायालय में दायर किया गया। वत्सला ने 21 मार्च 2018 को धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया। बाद में राष्ट्रीय महिला आयोग की शरण में चली गयी। आयोग ने डीएम को 20 जुलाई को तलब किया था। इस मामले में सीआइडी के एडीजी कार्यालय में सिटी एसपी और महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू के बीच तू-तू, मैं-मैं भी हुई थी। 

नालंदा के निवासी हैं डीएम
जमुई के डीएम धर्मेन्द्र कुमार नालंदा जिलान्तर्गत हिलसा के रहने वाले हैं। साधारण परिवार से होकर यूपीएससी की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की। पहली पोस्टिंग डीएम के रूप में जमुई में हुई है। धर्मेन्द्र कुमार की पहचान एक कड़क और ईमानदार आइएएस के रूप में है। उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों को छुपाने का प्रयास नहीं किया।

 

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  • Web Title:High Voltage Drama at Jamui: protest of wife and mother in law of jamui DM against him at outside of DM house