नेताओं को भा रहीं लग्जरी गाड़ियां, बुकिंग बढ़ी; चुनाव प्रचार बना हाई-फाई
संक्षेप: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी अपना नामांकन कर रहे है। चुनाव में प्रचार के लिए लग्जरी गाड़ियों की काफी मांग है। मांग के चलते गाड़ियों का किराया डेढ़ गुना बढ़ गया है।

विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए लग्जरी गाड़ियों की काफी मांग है। चुनाव प्रचार के लिए नेताओं और उनके समर्थकों में एसयूवी गाड़ियों की मांग इतनी बढ़ गई है ट्रैवल एजेंसियों के पास गाड़ियां कम पड़ गई हैं। आलम यह है कि पड़ोसी राज्य झारखंड और बंगाल से भी लग्जरी गाड़ियां मंगाई जा रही हैं। मांग के कारण किराए में डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है। जिससे आम लोगों और शादी-विवाह के आयोजकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नवंबर महीने में होने वाली शादी के लिए गाड़ियां नहीं मिल रही हैं। भीखनपुर के रहने वाले गोलू कुमार ने बताया कि 8 नवंबर के लिए गाड़ी किराया पर नहीं मिल रही है।
फॉर्च्यूनर और इनोवा पहली पसंद
चुनाव प्रचार के लिए नेताओं की पहली और सबसे बड़ी पसंद टोयोटा फॉर्च्यूनर और इनोवा एसयूवी गाड़ियां हैं। गाड़ियां नेताओं के स्टेटस सिंबल को बनाए रखने में मदद करती हैं। इसके अलावा अन्य एसयूवी गाड़ियों की भी मांग है। जिनकी बुकिंग प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों द्वारा पहले ही कर ली जा रही है।
झारखंड, बंगाल से मंगाई जा रही गाड़ियां, फिर भी कमी
जिले में नामांकन प्रक्रिया शुरू है। ऐसे में चुनाव प्रचार को रफ्तार देने के लिए गाड़ियों की जरूरत चरम पर है। स्थानीय एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के कारण पड़ोसी राज्य झारखंड और बंगाल के ट्रैवल एजेंसी से भी संपर्क साधा जा रहा है। किराया बढ़ने से सबसे अधिक परेशानी उन आम नागरिकों को हो रही है, जिन्हें अगले महीनों में होने वाली शादी-विवाह के लिए गाड़ियां बुक करानी थीं।

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