हाईकोर्ट का चला डंडा तो विवि ने माना मातृत्व अवकाश
10 मई 2020 से 11 नवंबर 2020 की है अवधि आदेश के बाद विवि प्रशासन

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। टीएमबीयू के पीजी सोशियोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत मुबीना का मातृत्व अवकाश स्वीकृत कर लिया गया है। टीएमबीयू प्रशासन ने 10 मई 2020 से 11 नवंबर 2020 के बीच मातृत्व अवकाश पर रही मुबीना को इंसाफ के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ा था। विवि प्रशासन ने उक्त अवधि को शिक्षक नियमित सेवा का टूट बता दिया था। जस्टिस हरीश कुमार की अदालत ने नवंबर 2025 में मुबीना के पक्ष में फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने उक्त अवधि में वेतन सहित अन्य लाभ देने का आदेश दिया था। कोर्ट का डंडा चलने के बाद विवि प्रशासन ने शनिवार को कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के आदेश पर कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे ने अधिसूचना जारी कर दी है।
दरअसल, शिक्षिका मातृत्व अवकाश को लेकर लगातार विवि का चक्कर काटती रही थी, लेकिन उन्हें किसी ने नियम को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इसी कारण इमरजेंसी पर वो अवकाश पर चली गईं। अवकाश अवधि में उन्होंने मातृत्व अवकाश की बात कही, लेकिन विश्वविद्यालय ने अवकाश अवधि का वेतन जारी नहीं किया। तब मुबीना हाईकोर्ट की शरण में गई थीं। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के अनुसार महिला कर्मचारी को मातृत्व लाभ दिए जाने चाहिए और किसी उपविधि के कारण इसे रोका नहीं जा सकता।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



