किशनगंज: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर झाला का संयुक्त निरीक्षण
किशनगंज, संवाददाता। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था केवल भवन और उपकरणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि

किशनगंज, संवाददाता। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था केवल भवन और उपकरणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह सरकार की उस संवेदनशील सोच का प्रतिबिंब है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। विशेषकर सीमावर्ती और दूरस्थ पंचायतों में रहने वाले लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती हैं। इसी सोच को जमीन पर उतारने और यह परखने के उद्देश्य से कि योजनाएं वास्तव में आमजन तक पहुँच रही हैं या नहीं, जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत झाला पंचायत स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर झाला का सिविल सर्जन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी एवं मुखिया जी झाला द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया।यह
निरीक्षण केवल औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रभावशीलता को गंभीरता से परखने का प्रयास था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार का मूल उद्देश्य है कि स्वास्थ्य सेवा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, चाहे वह किसी भी सामाजिक या भौगोलिक परिस्थिति में क्यों न रहता हो। प्रशासनिक समन्वय: ग्रामीण स्वास्थ्य की मजबूत नींव निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों ने माना कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ हैं। इन केंद्रों की मजबूती से ही प्राथमिक उपचार, रोकथाम और समय पर रेफरल संभव हो पाता है। अधिकारियों ने कर्मियों से संवाद कर उनकी कार्यशैली, चुनौतियों और जरूरतों को समझा तथा सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। एचडब्लूसी झाला में उपलब्ध समग्र स्वास्थ्य सेवाएं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर झाला में सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, सर्दी-खांसी, दस्त, त्वचा रोग, आंख एवं कान की समस्याओं का उपचार किया जा रहा है। नियमित ओपीडी संचालन, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, प्राथमिक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श सेवाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष बल दिया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, रक्तचाप एवं हीमोग्लोबिन जांच, आयरन-फोलिक एसिड वितरण तथा प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल की व्यवस्था का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ नवजात ही स्वस्थ समाज की बुनियाद हैं। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और रेफरल व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और निरंतर परामर्श हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा जैसे गैर-संचारी रोगों की नियमित जांच की जा रही है। निरीक्षण में रजिस्टर संधारण, दवा आपूर्ति और फॉलो-अप व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर पहचान से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। टीकाकरण, परिवार नियोजन और पोषण पर जोर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत कवरेज पर बल दिया गया। परिवार नियोजन सेवाओं के अंतर्गत परामर्श और साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा महिलाओं और किशोरियों के लिए पोषण परामर्श को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता, रिकॉर्ड व्यवस्था और सामुदायिक सहभागिता निरीक्षण में केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और रोगी पंजीकरण रजिस्टर की जांच की गई। पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आशा और एएनएम के माध्यम से घर-घर स्वास्थ्य संदेश पहुँचाने पर जोर दिया गया। अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा ही लक्ष्य संयुक्त निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने दोहराया कि सरकार का संकल्प स्पष्ट है—कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जैसे संस्थान इसी संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम हैं। संवेदनशीलता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ सेवाओं का क्रियान्वयन ही स्वस्थ पंचायत और स्वस्थ समाज की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
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