DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

VIDEO में देखिए ग्राउंड रिपोर्ट, पानी घटने के साथ ही दिख रहा तबाही का मंजर

ओवरब्रिज के एक लेन पर गोदाम संचालकों ने कब्जा कर रखा था
ओवरब्रिज के एक लेन पर गोदाम संचालकों ने कब्जा कर रखा था

अररिया शहर में पानी का जलस्तर नीचे उतरने के साथ ही तबाही का मंजर दिखने लगा है। हजारों एकड़ खेत में लगी फसल बर्बाद हो गई है। किसानों की सारी पूंजी बाढ़ में लूट चुकी है। वहीं गोदाम में रखे सारे जूट और मक्का बर्बाद हो गये। शनिवार को एनएच 57 के जागीर बस्ती के पास बना ओवरब्रिज का एक लेन गोदाम संचालकों ने कब्जा कर रखा था।

दो किमी की सड़क पर जूट और मकई की फसल को रखकर सुखाया जा रहा था। काली चौक मंदिर, सुभाष चौक से लेकर चांदनी चौक पर चल रहे दो सौ से अधिक दुकानदारों का हाल बुरा है। हर दुकान का आधे से अधिक सामान सड़क पर पसरा हुआ है।

दुकानदार मिथिलेश कुमार ने कहा कि बाढ़ तेजी से शहर में प्रवेश की। प्रशासन ने अलर्ट नहीं किया था। इसलिए सामान को निकाल पाना मुश्किल था। किसान मो. रमजान ने बताया कि दो बीघा में दस मन पटुआ हुआ था। सारी तैयारी करके घर में पटुआ को रखा था। ताकि दीवाली के समय इसे बेचा जाएगा। मगर बाढ़ में सारा पटुआ बह गया। 

आगे की स्लाइड में देखिए वीडियो-

अनोखा टोल टैक्स, गाड़ी के लिए दो और बाढ़ पीड़ितो के लिए चार लेन 
अनोखा टोल टैक्स, गाड़ी के लिए दो और बाढ़ पीड़ितो के लिए चार लेन 


अररिया और फारबिसगंज के बीच हरियाबाड़ा टोल टैक्स पड़ता है। यह टोल टैक्स अभी बाढ़ पीड़ित लोगों का बसेरा बना हुआ है। इसके दो लेन गाड़ियों के लिए रखा गया है बाकी के चार लेन पर बाढ़ पीड़ित घर बनाकर रह रहे हैं। इन बाढ़ पीड़ित को किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसका भी ख्याल टोल टैक्स वाले रखे हुए हैं।

टोल टैक्स पर परिवार के साथ रह रहे 65 वर्षीय सरफुद्दीन अंसारी ने बताया कि अब तक इलाके का सरपंच, मुखिया और समिति वाले देखने तक नहीं आए हैं। अगर टोल टैक्स वाले जगह नहीं देते तो खुले आसमान के नीचे ही लोगों को रहना मजबूरी होती। 

रकीबा खान, मो. अजीम, मदीना, यासमीन बताती है कि उन लोगों को राहत शिविर में खाना तक नहीं मिला है। न ही कच्चा सामान और न ही पका सामान ही मिल पाता है। अपने-अपने रिश्तेदारों से अनाज मंगवा कर किसी तरह रसोई चला रहे है। दो दिन पहले यहां पर सड़क दुर्घटना हुई थी।

इसलिए हर परिवार के एक लोगों को जगना पड़ता है। हालांकि राहत सामग्री वितरण को लेकर अररिया में काफी उदासीनता है। जबकि शहर के अंदर और बाहर के इलाके में बाढ़ आने के बावजूद उस तरह से राहत सामग्री वितरित नहीं की जा रही है। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ground report: water level decrease and pain of flood affected people increase in araria