किशनगंज : विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और राष्ट्र जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा यज्ञ

किशनगंज : विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और राष्ट्र जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा यज्ञ

संक्षेप:

दिघलबैंक में चार दिवसीय 24 कुण्डीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ का द्वितीय दिवस मनाया गया। श्रद्धालुओं ने देवपूजन, हवन और प्रवचन में भाग लिया। शांतिकुंज से आए आचार्य ने कहा कि यज्ञ जीवन का आधार है और यह विश्व कल्याण का माध्यम है। आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों ने सहभागिता की।

Dec 11, 2025 05:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
share

दिघलबैंक, एक संवाददाता। युगतीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में तुलसिया दिघलबैंक में जारी चार दिवसीय 24 कुण्डीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ के द्वितीय दिवस पर श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकालीन बेला से ही यज्ञशाला में दूर–दूर से पहुँचे गायत्री परिवार के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में देवपूजन एवं हवन–यज्ञ में शामिल हुए।देवपूजन कार्यक्रम में 24 जोड़े दंपत्ति, देव-कन्याएं, युवा, महिलाओं और पुरुषों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। वहीं सैकड़ों भक्तों ने हवन में आहुति अर्पित कर राष्ट्र, समाज और आत्म कल्याण की कामना की। देवमंच से शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे टोली नायक राम तपस्या आचार्य ने अपने प्रवचन में कहा कि “यज्ञ-हवन विश्व कल्याण का माध्यम है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

वैदिक मंत्रों से सम्पन्न हवन-पूजन मन, बुद्धि और वातावरण सभी को पवित्र बनाता है।” उन्होंने बताया कि जन-शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह महायज्ञ विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि, राष्ट्र जागरण और मनुष्य में देवत्व को जगाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।आगे उन्होंने कहा कि यज्ञ में देवपूजन, दान और संगती करण के माध्यम से अनगिनत शक्तियों की प्राप्ति होती है। दर्जनों गांवों से पहुंच रहे श्रद्धालु इस दिव्य अनुष्ठान का लाभ उठा रहे हैं।यजमानों के साथ 33 कोटि देवशक्तियों का आह्वान कर गायत्री महामंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की आहुति दी गई। आचार्य ने आगे बोलते हुए कहा कि “यज्ञ जीवन का आधार है। घर–परिवार में नियमित यज्ञ करने से संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण होता है और परिवार में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।”सुबह से योग–ध्यान, फिर हवन–पूजन और शाम छह बजे से संगीतमयी प्रवचन का दैनिक क्रम भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहा है। यज्ञशाला को घास–फूस, बांस और सजावटी पुष्पों व आकर्षक लाइटों से विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो पूरे क्षेत्र में भव्यता का वातावरण बना रहा है। आयोजन समिति के अनुसार शनिवार तक विविध संस्कार कार्यक्रम और अनुष्ठान जारी रहेंगे। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस महायज्ञ में शामिल होकर घर-परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व शांति के लिए आहुति देने की अपील की। इस आयोजन में टोली के प्रमोद शास्त्री, अभय सिंह, शिवू मांडवी, घनश्याम कोहराम, तथा आयोजन समिति के त्रिलोक नाथ झा, विवेकानंद ठाकुर, नवीन कुमार मल्लाह, गीता देवी, नीतीश रंजन, राजीव रंजन, चेतनारायण सिंह, कुष्पत राय, गौरीशंकर त्रिमूर्ति, मदन कुमार सिन्हा, मनोज कुमार सिन्हा, संतोष कुमार, गणेश, केदारनाथ, महेश ठाकुर, शंकर ठाकुर, आशुतोष, विवेक कुमार, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गायत्री परिवार के सदस्य लगातार पूरी साधना के साथ लगे हुए हैं।