आस्था, संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत संगम बनी कहलगांव की गंगा महाआरती
गंगा दशहरा के मौके पर कहलगांव में भव्य गंगा महाआरती आयोजित की गई, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दीपों की छटा और वैदिक मंत्रों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। वक्ताओं ने गंगा महाआरती को भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया और युवाओं से गंगा की स्वच्छता का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कहलगांव, निज प्रतिनिधि। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कहलगांव में आयोजित भव्य गंगा महाआरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मां गंगा के तट पर दीपों की मनोहारी छटा, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में पंजाबी बाबा पहाड़ के संत संजय महाराज, योग गुरु स्वामी गोविन्दा जी महाराज, बालकृष्ण चौधरी, भाजपा नेता हिम्मत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र झा, पंकज मिश्रा, अंचल पाण्डेय, गंगा समग्र के खंड संयोजक संतोष कुमार झा, सह संयोजक अनुभव चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं महिला गंगा भक्त उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने कहा कि गंगा महाआरती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
संतोष कुमार झा ने कहा कि गंगा तट पर हजारों दीपों का एक साथ प्रज्ज्वलित होना और वैदिक मंत्रों की गूंज आत्मा को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान करते हुए गंगा की स्वच्छता, अविरलता और संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।


