मुंगेर: मूंग की खेती कर किसान एक वर्ष में तीन फसलें ले सकते हैं
सरकार ने खरीफ मौसम के लिए दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की नई रणनीति तैयार की है। किसानों को हाइब्रिड मक्का, अरहर, सरसों और मूंग की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने की अपील की गई।

मुंगेर से नवीन कुमार झा की रिपोर्ट देश को दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने खरीफ मौसम के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत किसानों को हाइब्रिड मक्का, अरहर, सरसों और मूंग की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सोमवार को सफियाबाद स्थित संयुक्त कृषि भवन में आत्मा (कृषि विभाग) द्वारा आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय खरीफ कार्यशाला में यह जानकारी दी गई। कार्यशाला की शुरुआत जिला कृषि पदाधिकारी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने किसानों और कृषि कर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और फसल विविधीकरण ही किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने की अपील की।मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक शस्य शैलेश कुमार ने कहा कि धान और गेहूं उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के बाद अब सरकार का पूरा फोकस दलहन और तिलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर है। उन्होंने बताया कि खरीफ मौसम में विशेष रूप से हाइब्रिड मक्का और अरहर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों की आमदनी में वृद्धि हो सके।-
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