
सुपौल : पश्चिमी कोशी तटबंध की सरकारी जमीन अतिक्रमण करने से लोगों की बढ़ी परेशानी
संक्षेप: कुनौली में जल संसाधन विकास विभाग के पश्चिमी तटबंध के किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बढ़ गया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ा है। स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
कुनौली , निज प्रतिनिधि । जल संसाधन विकास विभाग के पश्चिमी तटबंध सह निर्मली कुनौली पथ के दोनों किनारे लोगों के द्वारा सरकारी जमीन को जबरन अतिक्रमण करने से लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं। तटबंध दोनों भागों में अतिक्रमण करने से दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। कुनौली निर्मली पथ सह पश्चिमी कोशी तटबंध के दोनों भागों इन दिनों आस पास के लोगों के द्वारा बांध के सेवा पथ और बगल में नार का टाल, गोइठा गोबर,तार के जाली से घेर कर कब्जा कर लिया गया हैं। इतना ही नहीं लोगों के द्वारा सेवा पथ और फ्लैंक को भी अतिक्रमण कर लिया गया हैं।

अतिक्रमित कर लिए जाने से बस,ट्रक, पिकअप सहित अन्य वाहनों को साइड लेने और देने में भी काफी समस्या उतपन्न हो रही हैं। इस अतिक्रमण के वजह से आए दिन सड़क दुर्घटना भी काफी बढ़ गया हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए जल संसाधन विकास विभाग के द्वारा कार्रवाई नहीं किया जाने से अतिक्रमणकारियों का मनोबल इतना बढ़ गया हैं कि दिनों-दिन पश्चमी कोशी तटबंध का और अतिक्रमित किये जा रहा हैं । विभागीय अधिकारी मौन धारण किये हुआ हैं । अधिकारी के इसी लापरवाही के वजह से अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ सा गया हैं। जिस वजह से सरकारी जमीन और बांध को अतिक्रमण करने की होड़ सी लग गई हैं। जल संसाधन विभाग के द्वारा तटबंध निर्माण के समय ही गांव-मोहल्ले से जल निकासी की समुचित व्यवस्था हेतु नाला बना दिया गया था, जिससे 10 वर्ष पूर्व तक जल की निकासी होती थी। परन्तु उसके बाद स्थानीय लोगों के द्वारा उस नाला को भी अतिक्रमित कर मिट्टी डाल कर नाला को पूर्ण रुप से जाम कर दिया गया, जिस वजह से वर्षा और कोसी के सिपेज के पानी की निकासी भी नहीं हो रहा हैं। पूर्व में जल संसाधन विभाग द्वारा कुनौली बाॅर्डर से लेकर तिलयुगा नदी तक नाला की समुचित व्यवस्था थी लेकिन विभागीय देख-रेख के अभाव में तथा प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण उक्त नाले की जगह पर कहीं-कहीं लोग घर बनाकर बसो-बास भी कर रहे है तो कहीं उक्त नाले को जाम कर खेती बारी किया जा रहा है। जबकि जल संसाधन विभाग के पश्चिमी तट्बंध के दोनों बगल कुनौली बोर्डर से लेकर निर्मली के मिलान पथ तक में इन विभागो की सैकड़ों एकड से अधिक जमीन रिक्त थी, जिसका पहले कुनौली स्थित उनके विभागीय कार्यालय में वार्षिक बंदोबस्ती हुआ करता था परन्तु विगत दस वर्षों से बन्दोवस्ती कार्य बंद हो गया हैं । इसी लचर व्यवस्था के कारण लोगो के द्वारा दिन-ब-दिन इस विभागीय जमीनों को बडी तेजी से अतिक्रमण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जो भी लोग जल संसाधन विभाग के जमीन पर घर अथवा किसी अन्य सरकारी जमीन पर घर बनाये हैं, इसके जिम्मेदार इनके विभागीय अधिकारी, कर्मी व लचर व्यवस्था ही है। ऐसा नहीं है कि इन जमीनों को जिन लोगों ने अतिक्रमित कर रखा है, उन लोगों के पास अपनी जमीन अथवा घर-द्वार नहीं था। ये लोग अपनी निजी जमीन को उंचे दामों पर बेचकर सरकारी जमीन को अतिक्रमित कर घर बनाकर रह रहे हैं। अगर विभागीय अधिकारी और पुलिस-प्रशासन के द्वारा इस अतिक्रमण को नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में इस अतिक्रमण की वजह से बहुत सारी जटिल समस्या उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय ग्रामीण दुर्गा सिंह,शिवचन्द्र झा ,सोनेलाल मंडल, बैजू प्रसाद साह,धीरेंद्र कुमार मंडल सहित अन्य ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने की मांग की हैं।

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