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जमुई : रेल विभाग की उदासीनता का दंश झेल रहा गिद्धौर रेलवे स्टेशन

जमुई : रेल विभाग की उदासीनता का दंश झेल रहा गिद्धौर रेलवे स्टेशन

संक्षेप:

गिद्धौर रेलवे स्टेशन इन दिनों अधिकारियों की उदासीनता का शिकार है, जबकि यह क्षेत्र के दर्जनों गांवों का प्रमुख रेल यातायात साधन है। यात्रियों को स्वच्छ जल, शौचालय, और प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग कई बार अधिकारियों को समस्या के बारे में बताने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिल रहा है।

Dec 08, 2025 05:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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गिद्धौर, निज संवाददाता दानापुर रेल मंडल अंतर्गत पड़ने वाला गिद्धौर रेलवे स्टेशन इन दिनों रेल विभाग एवं अधिकारियों के उदासीनता का दंश झेल रहा है। जिसकी सुधि लेने वाला यहां कोई नहीं। बताते चलें कि गिद्धौर ईलाके के दर्जनों गांवों के लोगों के रेल यातायात से जुड़े सफर का एक मात्र साधन गिद्धौर रेलवे स्टेशन है। जहां हर दिन हजारों की तादात में रेल यात्री हावड़ा, पटना, रांची, टाटा, देवघर सहित बिहार झारखंड के कई स्थलों की यात्रा रेल के माध्यम से करते हैं। रेल प्रशासन को लाखों रुपए के राजस्व का फायदा देने वाले इस गिद्धौर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा नगण्य है।

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कई बार रेल के अधिकारी इस रेल मार्ग से सफर तो करते हैं लेकिन गाहे बगाहे भी उन्हें गिद्धौर रेलवे स्टेशन पर व्याप्त यात्री समस्या नहीं दिखती है। वहीं स्थानीय स्तर पर बात की जाय तो हर दिन गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के कुल 08 पंचायतों की एक बड़ी आबादी इस गिद्धौर रेलवे स्टेशन से हर दिन रेल यात्रा कर सफर करती है। जिन्हें स्वच्छ जल, शौचालय, प्रतीक्षालय आदि से जुड़े घोर असुविधाओं का इस स्टेशन पर सामना उन्हें समाना करना पड़ता है। वहीं स्टेशन के बाहर प्रतीक्षालय भवन कक्ष रख रखाव के अभाव में जर्जर हो रहा है। जिसका प्लास्टर अंदर बाहर से झड़ झड़ कर गिर रहा है। लेकिन विभाग इससे अनभिज्ञ बना हुआ है। वहीं रेल यात्रियों ने बताया कि गिद्धौर रेलवे स्टेशन बीते कई दशकों से रेल प्रबंधन को लाखों रुपए राजस्व का लाभ दे रहा है लेकिन उक्त स्टेशन पर इस इलाके के रेल यात्रियों के लिए न शुद्ध पेयजल की ही समुचित व्यवस्था है न साफ सुथरा शौचालय ही यहां है। स्थिति यह है कि अपनी रेल यात्रा के दौरान कई बार खासकर महिला रेल यात्रियों को यहां घोर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि कई बार स्थानीय रेल प्रबंधन के अधिकारियों को रेल स्टेशन पर व्याप्त समस्या को लेकर अगवत कराया जाता रहा है लेकिन उनके द्वारा भी वरीय अधिकारियों को आम जनमानस से जुड़ी रेल स्टेशन पर व्याप्त समस्या को उच्चाधिकारियों को ध्यानाकृष्ट करना मुनासिब नहीं समझते हैं।