भागलपुर : निबंधित बगीचों के आम ही विदेशों में होगा निर्यात
भागलपुर का जर्दालू आम जीआई टैग मिलने के बाद विदेशियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। एपीडा ने किसानों को विदेशों में आमों का निर्यात बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। किसानों को हॉर्टिनेट पोर्टल पर पंजीकरण कराने और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है।

भागलपुर से संजय कुमार की रिपोर्ट : जीआई टैग मिलने के बाद भागलपुर का जर्दालू आम विदेशियों की पसंद बनता जा रहा है। सभी किसानों के आम विदेश तक कैसे पहुंचे और विदेश जाने लायक आमों की कीमत अधिक से अधिक कैसे मिले, इसको लेकर कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने पहल शुरू कर दी है। एपीडा के क्षेत्रीय कार्यालय पटना स्थित वरिष्ठ अधिकारी देवानंद त्रिपाठी इन दिनों पीरपैंती में हैं। वे पीरपैंती के विभिन्न गांवों का दौरा करने के क्रम में आम उत्पादक किसानों से बात कर रहे हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने और प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अधिक से अधिक बागों का पंजीयन हॉर्टिनेट पोर्टल पर तुरंत करा लें।
पंजीयन से उत्पादों की ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित होती है और निर्यात संबंधी प्रमाणन की प्रक्रिया तेज तथा पारदर्शी हो जाती है। उन्होंने किसानों को जैविक खेती को भी बढ़ाने को लेकर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पीरपैंती का आम काफी उच्च गुणवत्ता का है और एक्सपोर्ट को लेकर अपार संभावनाएं हैं।
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