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नगर निगम में हंगामा: अब डिप्टी मेयर भी नगर आयुक्त के खिलाफ थाने पहुंचे

furore in municipal commissioner chamber  now deputy mayor also arrives at police station against mu

नगर आयुक्त के चैंबर में सोमवार को हंगामा होने और दोनों तरफ से केस दर्ज कराये जाने के बाद अब डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा और कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए जोगसर टीओपी में लिखित आवेदन दिया। टीओपी प्रभारी ने बताया कि वे थाना पर नहीं हैं इसलिए आवेद नहीं देख सके हैं। रात नौ बजे तक केस दर्ज नहीं हो सका था।
 
डिप्टी मेयर ने आवेदन में लिखा है कि सामान्य बोर्ड की बैठक में नगर आयुक्त के नहीं आने के बाद दोपहर 12.40 पर वे कुछ पार्षदों के साथ नगर आयुक्त के चैंबर में पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभाकक्ष में पार्षद इंतजार कर रहे हैं उनके सम्मान के संबंध में विचार करना चाहिए। इतना कहते ही नगर आयुक्त आग बबूला हो गये और सुरक्षा गार्ड से सभी को बाहर करने का निर्देश दिया। 

डिप्टी मेयर ने ये आरोप लगाए
डिप्टी मेयर का कहना है कि नगर आयुक्त के ऐसा कहने पर उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि उनका इस तरह का व्यवहार देखकर निगम कर्मियों के समक्ष कैसा संदेश जायेगा। ऐसा कहने पर नगर आयुक्त ने उन्हें धक्का दिया और भद्दी गालियां देने लगे। आवेदन में लिखा है कि कार्यालय अधीक्षक भी उनके सुर में सुर मिलाकर डिप्टी मेयर से कहने लगे कि तुम्हारा वह हाल कर देंगे जो समाज में कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा। डिप्टी मेयर का कहना है कि नगर आयुक्त ने खुद के बारे में अनुसूचित जाति का होने और उनका काटा हुआ आदमी जिंदा नहीं रहने की भी बात कही।
 
संवेदक संघ ने घटना की निंदा की 
संवेदक संघ ने सोमवार को हुई घटना की निंदा की है। संघ के अध्यक्ष रमण कुमार और संयोजक कीमी आनंद का कहना है कि सोमवार को हुई घटना की वे निंदा करते हैं क्योंकि नगर आयुक्त  के चैंबर में घुसकर हंगामा करने वाले पार्षदों ने मार्यादा का ख्याल नहीं रखा।

शहर के विकास की बात की जानी चाहिए। शहर में लोगों को काफी समस्याएं हैं। विकास कार्य तभी होंगे जब नगर निगम में शांति रहेगी। सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। 
- डॉ पीके यादव 
नगर निकाय का सीधा संबंध शहर के विकास कार्यों से है। अगर इस तरह हंगामा होता रहेगा तो काम कब होगा। कई योजनाएं हैं जो लंबे समय से पूरी नहीं हुई। पानी, सड़क और नाला को लेकर लोग परेशान हैं। 
- प्रो. प्रीति कुमार, शिक्षिका 

डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने इस संबंध में कहा कि मुझे समझौता कर सियासत नहीं करनी। नगर आयुक्त ने बिना आधार एससी/एसटी एक्ट व अन्य धाराओं का सहारा लिया है। मुझे धमकाया भी है। उनके पास कुर्सी जनता के लिए काम करने के लिए है। मैं साजिश से नहीं डरता। 

वहीं नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने कहा कि मेरे चैंबर में जो भी घटना हुई है वह सीसीटीवी में कैद है। फुटेज को गलत साबित नहीं किया जा सकता। डिप्टी मेयर ने मुझे गुंडा कहा, अपशब्द कहे पर मैंने उन्हें एक भी अपशब्द नहीं कहा। सुरक्षा को लेकर मैं अपने विभाग और पुलिस विभाग को लिखूंगा। 

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  • Web Title:furore in Municipal Commissioner Chamber: now deputy mayor also arrives at police station against Municipal commissioner