दो स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण में वन विभाग का अड़ंगा
वन विभाग ने पथ निर्माण विभाग से मांगी समतुल्य जमीन एसएच 25 में भागलपुर में

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। भागलपुर से बांका जाने वाली दो स्टेट हाईवे सड़क के चौड़ीकरण में वन विभाग ने अड़ंगा लगा दिया है। वन विभाग ने चौड़ीकरण योजना में वन क्षेत्र की जा रही जमीन के बदले उतनी ही भूमि की मांग पथ निर्माण विभाग से की है। स्टेट हाईवे सड़क (एसएच संख्या-25) में भागलपुर क्षेत्र में 9.60 हेक्टेयर और बांका में 13.283 हेक्टेयर जमीन अलाइनमेंट के दायरे में आ रही है। यह सड़क भागलपुर को बांका के अमरपुर वाया कजरैली से जोड़ती है। वहीं, सुल्तानगंज से दर्दमारा तक जाने वाली स्टेट हाईवे सड़क (एसएच संख्या-22) में दर्दमारा तक 32.383 हेक्टेयर वन क्षेत्र होकर सड़क चौड़ी की जानी है।
मामला फंसता देख पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) के अधीक्षण अभियंता ने डीएम से समतुल्य जमीन मांगी है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान पथ प्रमंडल, बांका अंतर्गत अमरपुर-बांका पथ (एसएच-25) तक 44.300 किमी और सुल्तानगंज-तारापुर-बेलहर-कटोरिया-चांदन-दर्दमारा(बॉर्डर) पथ (एसएच-22) 58.865 किमी तक चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत की गई है। विभाग ने जब काम शुरू किया तो वन विभाग ने अड़चन लगा दी कि दोनों योजनाओं के चौड़ीकरण के लिए उपयोग में लाये जाने वाले वन क्षेत्र के बदले उतनी ही जमीन चाहिए। वन विभाग ने भागलपुर-अमरपुर बांका पथ में भागलपुर जिला में 9.60 हेक्टेयर और बांका में सुल्तानगंज से झारखंड सीमा तक 13.283 हेक्टेयर में वन क्षेत्र का इस्तेमाल होने के बदले इस समतुल्य भूमि उपलब्ध कराने को कहा है। आरसीडी अभियंता ने डीएम से मांगी है जमीन कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि एसएच-25 का 16 किमी क्षेत्र भागलपुर क्षेत्राधीन है। पहले फ्लैंक एरिया को लेकर वन क्षेत्र का गणन हुआ था। अब फ्लैंक एरिया को छोड़कर किया गया तो वन क्षेत्र 9.60 हेक्टेयर का क्षेत्रफल पाया गया है। इतनी ही जमीन वन विभाग को दी जानी है। बांका जिला क्षेत्र में दोनों स्टेट हाईवे के लिए 45.608 हेक्टेयर समतुल्य जमीन दी जानी है। इसकी मांग जिला पदाधिकारी, भागलपुर से की गई है। वहां के कार्यपालक अभियंता द्वारा भी बांका के डीएम को पत्र भेजा गया है। झारखंड आने-जाने में होगी सहूलियत स्टेट हाईवे-25 बिहार को झारखंड से जोड़ती है। यह बांका के अमरपुर बाईपास से गुजरती है। अमरपुर बाईपास (कुलधिया-चापरी-दिग्घी पोखर-सिहुरी मोड़) सात किमी लंबा है। एसएच चौड़ी होने से अमरपुर में जाम से मुक्ति भी मिलेगी। एसएच-22 को एनएच-22 का दर्जा मिला है। सुल्तानगंज से दर्दमारा तक का मार्ग धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह विश्व प्रसिद्ध सावन मेले के दौरान लाखों कांवरियों के लिए सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) से देवघर (वैद्यनाथ धाम) तक जाने का मुख्य मार्ग है। 98 किमी लंबी सड़क फोरलेन होने से कांवरियों को वाहन से झारखंड जाने में सहूलियत होगी।
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