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21 अगस्त, 2020|12:16|IST

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बड़ी राहत! जल्द ही कोसी नदी में आने वाली बाढ़ का तीन दिन पहले ही चल सकेगा पता, जानिए कैसे?

delhi  toxic foam on yamuna river

बड़ी राहत! जल्द ही बिहार के कोसी, मिथिलांचल और सीमांचल के जिलों में कोसी नदी के जरिए आने वाली बाढ़ का तीन दिन पहले ही पता चल सकेगा । दरअसल वीरपुर में विश्व बैंक की सहायता से 108 करोड़ की लागत से फिजिकल मॉडल रिसर्च सेंटर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। जल संसाधन विभाग ने पहले चरण में 66 करोड़ के निर्माण कार्य की जिम्मेवारी गुजरात की एक कंपनी को दी है।

पहले चरण में कंपनी को 66 करोड़ की लागत से फिजिकल मॉडल सेंटर के 20 एकड़ की बाउंड्री के साथ -साथ प्रशासनिक भवन, कोसी नदी  बहाव क्षेत्र के पांच मॉडल और तीन वर्क शॉप का निर्माण करना है। पहले वर्क शॉप में कोसी नदी में आने वाले सिल्ट की मात्रा और उसके प्रभाव आदि का अध्ययन किया जाएगा। दूसरे वर्क शॉप में रिवर मॉर्फोलॉजी के तहत कोसी नदी के बहाव के प्रभाव का अध्ययन होगा। तीसरे वर्क शॉप में कोसी नदी की दिशा के बार-बार परिवर्तित होने के कारणों का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावे सुरक्षा गार्ड के आवास और शौचालय का निर्माण होगा।

2010 में हुई थी घोषणा
2008 की कुसहा त्रासदी के बाद बेहतर कोसी के निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2010 में वीरपुर में की थी। इसी सभा में सीआरसी पुणे की तर्ज पर रिसर्च सेंटर बनाये जाने की घोषणा की गई थी। प्रारम्भिक कुछ बाधाओं के बाद अब इसका निर्माण शुरू होने की संभावना है। रिसर्च सेंटर का दूसरा नाम फिजिकल मॉडल सेंटर देकर वीरपुर में इसके निर्माण के लिए डीपीआर बनाया गया। बाद में रिसर्च सेंटर के निर्माण को दो चरणों में बांट कर कर पहले चरण में 66 करोड़ का टेंडर जल संसाधन विभाग ने निकाला है। इसके निर्माण के स्थल के लिए कोसी योजना के पुराने सेंट्रल वर्क शॉप  परिसर का चयन किया गया।
 
20 एकड़ क्षेत्र में रिसर्च सेंटर के निर्माण के लिए गुजरात, अहमदाबाद की चेवोरेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर एकल निविदादाता के रूप में सामने आया। एकल निविदा दाता होने के कारण उससे वार्ता कर जल संसाधन विभाग ने कंपनी की तकनीकी बीड को स्वीकृत कर लिया है। अब कंपनी के वित्तीय बीड को खोले जाने की औपचारिकता बाकी है। वित्तीय बीड खोले जाने के बाद निर्धारित दर पर चेवोरोक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एकरारनामा किया जाएगा।

धारा बदलने और असंभावित बाढ़ के लक्षणों पर शोध करने के लिए फिजिकल मॉडल रिसर्च सेंटर खोलने की घोषणा हुई थी। रिसर्च सेंटर के जरिए बाढ़ का 72 घंटे पहले पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
 
चेवोरोक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के सिंगल टेंडर तकनीकी बीड को स्वीकृत कर लिया गया है। जल्द ही रिसर्च सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - प्रकाश दास, चीफ इंजीनियर
 

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  • Web Title:Flood forecast will be made three days before by Research on silt and impact of Kosi river very soon