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हरतालिका तीज को लेकर बाजारों में उमड़ी भीड़, आज व्रत में रहेंगी सुहागिन महिलाएं

हरतालिका तीज को लेकर बाजारों में उमड़ी भीड़, आज व्रत में रहेंगी सुहागिन महिलाएं

संक्षेप:

पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं रखेंगी निर्जला व्रत पूजा

Aug 26, 2025 05:55 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। हरतालिका तीज पर्व और चौथ चांद पूजा को लेकर सोमवार को शहर के बाजारों में रौनक देखने को मिली। सुबह से ही व्रती महिलाएं पर्व की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ बनी रही। तीज पर्व को लेकर शहर के पूजा सामग्री की दुकानों, मिठाई दुकानों, परिधान दुकानों और सजावटी सामान की दुकानों में दिनभर बिक्री बनी रही। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मंगलवार को हरतालिका तीज पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी। वहीं व्रतियों ने कच्ची मिट्टी से बने शिव-पार्वती की मूर्ति, सिंदूर, साड़ी, चूड़ी, मेहंदी, शृंगार सामग्री और पूजा सामग्री की दिनभर खरीदारी की।

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मुख्य बाजार के पूजा सामग्री विक्रेता अजय कुमार ने बताया कि हरतालिका तीज पर्व और चौथ चांद पूजा को लेकर दिनभर दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बनी रही। महिलाएं तीज व्रत की कथा की किताब सहित पूजन सामग्री कि खरीदारी की। सुबह से ही ग्राहक दुकान पर आ रहे हैं और खरीदारी भी कर रहे हैं। वहीं व्रती महिलाएं सिकंदरपुर की स्वाति सिंह, तिलकामांझी की शोभा देवी, गीता रानी, अंजली सिन्हा और इशाकचक क्षेत्र की पूजा कुमारी, आभा झा ने बताया कि पूजा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। इधर, गोशाला स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर के पंडित सोमनाथ शर्मा ने बताया कि हरतालिका तीज की कथा भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन से जुड़ी है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। तभी से यह व्रत महिलाओं के लिए सौभाग्य और वैवाहिक सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता हैं। उन्होंने बताया कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए निर्जला उपवास करती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर प्राप्ती के लिए व्रत रखती हैं।