खगड़िया : किसानों की महाबैठ में चौर से जल निकासी और जमीन रजिस्ट्री पर रोक हटाने की उठी मांग
खगड़िया जिले के पसराहा क्षेत्र में किसानों ने जलजमाव और भूमि प्रबंधन की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की। बैठक में पूर्व मुखिया सिकंदर शर्मा की अध्यक्षता में दर्जनों किसानों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपनी समस्याएं उठाईं। सभी ने मिलकर समाधान के लिए प्रयास जारी रखने का निर्णय लिया।

खगड़िया से कुणाल कुमार की रिपोर्ट जिले के पसराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न गांवों के किसानों ने राजकुमार के दरवाजे पर रविवार को अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। पूर्व मुखिया सिकंदर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक की रूपरेखा पूर्व मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह के विशेष प्रयासों से तैयार की गई थी। इस किसान पंचायत में क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने शिरकत की और अपनी ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया। बैठक के दौरान किसानों ने मुख्य रूप से चौर और बहियार वाले इलाकों में जलजमाव की समस्या को उठाया और वहां से जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की, ताकि खेती-किसानी प्रभावित न हो।
इसके साथ ही, किसानों ने गरमजुआ आम, खास और बकास जमीनों की खरीद-बिक्री तथा रसीद कटाई पर लगी रोक को हटाने के लिए अपनी आवाज बुलंद की। किसानों का कहना था कि इन प्रतिबंधों के कारण उन्हें अपनी ही भूमि के प्रबंधन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के विकास को लेकर बैठक में पसराहा रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण और पसराहा थान क्षेत्र में नया प्रखंड बनाने की मांग पर भी गंभीर चर्चा की गई। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, मंटू सिंह, अंशू भरती, मुखिया आलोक कुमार, अरुण सिंह, जोगी सिंह, सचिदानंद यादव, रणवीर कुमार, सुनील मेहता, पप्पू सिंह, श्रीकांत सिंह, गजेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, सुनील सिंह, सिकंदर सिंह, गजेंद्र सिंह निषाद और अखलेश नेता सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर प्रयास जारी रखे जाएंगे। बैठक में सुबोध सिंह, बिनोद सिंह, रंजीत तिवारी और पंकज सिंह जैसे कई गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार साझा किए।


