पूर्णिया: एयरपोर्ट परियोजना के विरोध में किसानों ने बनाई ‘किसान संघर्ष समिति’
हरदा के गोआसी पंचायत में किसानों ने 'किसान संघर्ष समिति' का गठन किया। उन्होंने एयरपोर्ट और सड़क परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध करने का निर्णय लिया। किसानों ने चिंता जताई कि भूमि अधिग्रहण से उनकी आजीविका खतरे में पड़ सकती है, जिससे पलायन करने की स्थिति बन सकती है।

हरदा, एक संवाददाता। केनगर प्रखंड के गोआसी पंचायत अंतर्गत गोआसी और बिसरिया गांव के किसानों ने पंचायत भवन परिसर में बैठक कर ‘किसान संघर्ष समिति’ का गठन किया। बैठक में प्रस्तावित सड़क और एयरपोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। किसानों ने बताया कि पुर्णिया एयरपोर्ट को एनएच 31 हरदा से जोड़ने के लिए 45 मीटर चौड़ी चार लेन सड़क, एरोसिटी और कार्गो सिटी निर्माण की घोषणा की गई है। इस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अपनी जमीन के अधिग्रहण का विरोध करेंगे।
बैठक में किसानों ने कहा कि पिछले दो महीनों से गांव में अनिश्चितता का माहौल है। जमीन छिनने की आशंका से किसान मानसिक तनाव में हैं। कई किसान स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि यहां अधिकांश किसान छोटे और मझोले हैं, जो पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और अब तक पलायन से बचे रहे हैं। किसानों ने आशंका जताई कि यदि उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई तो उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें दिल्ली, पंजाब जैसे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर होना पड़ेगा। बैठक में पीड़ित किसानों दिलीप पासवान, हरिनंदन यादव, बिनोद यादव, नंद किशोर भगत, श्रवण गुप्ता, जवाहर गुप्ता और सुबोध गुप्ता समेत दर्जनों लोगों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू न की जाए और उनकी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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