
खेतों बाढ़ जैसी स्थिति, किसान पंप के सहारे पानी निकाल रहे
प्रशस्तडीह, कोदवार, ताड़र औ्र सालपुर पंचायत के किसान प्रभावित लाहौरी नदी पर बनाया अस्थायी बांध,
कहलगांव, निज प्रतिनिधि लाहौरी नदी का जलस्तर कम न होने से प्रशस्तडीह, कोदवार, ताड़र और सालपुर पंचायतों के बहियार क्षेत्र में लगातार जलजमाव बना हुआ है। किसानों के अनुसार करीब 1000 एकड़ भूमि में अब भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी है, जहां खेतों में 1 से 2 फीट तक पानी जमा है। स्थिति से परेशान किसानों ने आपसी सहयोग से लाहौरी नदी पर अस्थायी बांध तैयार किया है। बांध पर दर्जनों मोटर पंप लगाकर पानी को लाहौरी नदी से निकालकर कटारिया नदी में छोड़ा जा रहा है। प्रशस्तडीह पंचायत के मुखिया अतुल पांडे ने बताया कि बुधवार से लगभग एक दर्जन मोटर पंप लगातार चल रहे हैं।
दो दिन तक मशीनें इसी तरह चलती रहीं तो जिन खेतों में छह इंच से कम पानी है, वहां से करीब 100 एकड़ भूमि का जलजमाव समाप्त हो जाएगा। किसान दिन-रात बांध पर डेरा जमाए हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि लाहौरी नदी कटारिया नदी में और कटारिया नदी आगे घोघा नदी में मिलती है। लेकिन घोघा नदी पर ईंट-भट्ठा संचालकों द्वारा कई स्थानों पर बांध बना देने से जल प्रवाह रुक गया है। जिसके कारण पानी की निकासी बंद हो गई है। इसी वजह से चारों पंचायतों के 50% से अधिक किसान रबी फसल की बुआई नहीं कर पा रहे। प्रणव पांडे, रणधीर सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि 2019 से हर साल यही स्थिति हो रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। न तो जल निकासी की व्यवस्था की गई और न ही फसल मुआवजे का प्रावधान। लगातार पांच वर्षों से जारी जलजमाव से किसान बेहद नाराज हैं और मजबूरी में स्वयं ही पानी निकालने को विवश हैं। एसडीओ अशोक कुमार मंडल ने बताया कि कृषि विभाग को मुआवजे और सिंचाई विभाग को जलनिकासी के लिए नियमानुकूल व्यवस्था करने के लिए कहा जाएगा।

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