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भागलपुरटिकानी से भागलपुर तक विद्युतीकरण पूरा, फरवरी में सीआरएस संभावित

हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरPublished By: Newswrap
Sun, 31 Jan 2021 03:35 AM
टिकानी से भागलपुर तक विद्युतीकरण पूरा, फरवरी में सीआरएस संभावित

भागलपुर, वरीय संवाददाता

भागलपुर-बांका रेलखंड पर मार्च से बिजली पर ट्रेन चलने की संभावना है। इस रेलखंड पर विद्युतीकरण का काम तेजी से हो रहा है। टिकानी से भागलपुर के बीच तार खींचने का काम पूरा कर लिया गया है। फरवरी में विद्युतीकरण का सीआरएस निरीक्षण कराने की योजना है। इसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है। लक्ष्य है कि मार्च तक इस रूट पर बिजली से ट्रेन चलने लगेगी।

भागलपुर-दुमका रेलखंड पर भी टिकानी से भागलपुर के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। योजना है कि दुमका से पहले देवघर रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलायी जाय। इसके लिए बांका रेलखंड पर तेजी से काम कराया जा रहा है। देवघर से बांका तक आसनसोल डिवीजन से काम चल रहा है। अगर आसनसोल डिवीजन का काम पूरा नहीं होता है तो भागलपुर से बांका तक सीआरएस निरीक्षण कर बिजली पर ट्रेन चला दी जाएगी।

इधर, भागलपुर-दुमका रेलखंड पर दुमका की तरफ से भी काम चल रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि 2021 में भागलपुर-दुमका और भागलपुर-देवघर दोनों रेलखंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा। उसी लक्ष्य से दोनों सेक्शन में काम भी चल रहा है। विद्युतीकरण के लिए 302 करोड़ का बजट स्वीकृत है। 2016 के बजट में यह राशि स्वीकृत की गई है। दुमका तक विद्युतीकरण पूरा होने के बाद भागलपुर से हावड़ा जाने वाली दोनों रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन दौड़ने लगेगी। साथ ही भागलपुर से जुड़ा हर रेल सेक्शन विद्युतीकृत हो जाएगा। भागलपुर से चार सेक्शन में ट्रेनें चलती हैं। एक भागलपुर साहिबगंज, दूसरा भागलपुर-दुमका, तीसरा भागलपुर-देवघर और चौथा भागलपुर-किऊल। दो सेक्शन में पिछले साल ही विद्युतीकरण का काम पूरा हुआ है। सबसे पहले भागलपुर-किऊल रेलखंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा हुआ। इसके बाद भागलपुर-साहिबगंज सेक्शन का काम हुआ। अब भागलपुर-दुमका और भागलपुर-देवद्यर सेक्शन पर काम होना शेष रह गया है।

मालगाड़यिों में इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी

भागलपुर-टिकानी के बीच विद्युतीकरण का काम पहले हो जाने से रेलवे को माल ढुलाई में भी फायदा होगा। टिकानी में माल गोदाम होने के कारण ज्यादातर मालगाड़ियों का परिचालन टिकानी तक ही होता है। भागलपुर टिकानी के बीच या भागलपुर-देवघर रेलखंड विद्युतीकरण का काम पहले पूरा हो जाने से उन मालगाड़ियों में डीजल इंजन की जरूरत नहीं होगी, जिसमें भागलपुर में इंजन बदलना पड़ता है।

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