
मोदी–शाह की रैलियों का बड़ा असर, जहां प्रचार किया वहां NDA की जीत
संक्षेप: चुनाव नतीजों के बाद चर्चा है कि PM मोदी और अमित शाह की रैलियों से NDA को भारी फायदा मिला, जहां उन्होंने प्रचार किया वहां जीत हुई। वहीं, राहुल-प्रियंका की सभाओं से महागठबंधन को खास लाभ नहीं हुआ, बल्कि कई जगह सीटों का नुकसान हुआ।
विधानसभा के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मतदाताओं में यह चर्चा जोरों पर है कि किस बड़े नेताओं के कहने पर अधिक वोट पड़े और उनके प्रिय प्रत्याशी विधायक बनने में कामयाब रहे। पार्टी के नेता ही नहीं राजनीति में दिलचस्पी लेने वाले मतदाता भी बड़े नेताओं की सभा से हुए नफा-नुकसान का अध्ययन करने लगे हैं। सबसे अधिक रेटिंग भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह एवं जदयू से सीएम नीतीश कुमार के पक्ष में है। सबसे निगेटिव रेटिंग लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर रही।

पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल में जहां-जहां मोदी-शाह ने वोट मांगे। वहां के प्रत्याशियों की विजय हुई। जिनके लिए राहुल-प्रियंका ने वोट मांगे। उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पीएम मोदी ने 6 नवंबर को पूर्वी बिहार में भागलपुर की सभा में भागलपुर और बांका के एनडीए के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। इन दोनों जिलों में सभी एनडीए समर्थित 12 प्रत्याशियों की जीत हो गई। इसमें जदयू के छह, भाजपा के पांच और लोजपा-आर एक प्रत्याशी की जीत हुई। पीएम मोदी ने कोसी क्षेत्र में सहरसा में सभा भी की थी।
वहीं, गृहमंत्री की सभा खगड़िया, भागलपुर के बिहपुर व पीरपैंती, मुंगेर, पूर्णिया, कटिहार, जमुई और लखीसराय में वोट मांगे। यहां अधिकतर प्रत्याशियों की विजय हुई। खगड़िया के 4, भागलपुर के 7, बांका के 5, लखीसराय में 2 यानी 18 पर तो एनडीए क्लीन स्वीप में रही। जबकि जमुई में 4 में 3, कटिहार में 7 में 6 और पूर्णिया में 7 में पांच सीट पर एनडीए की विजय हुई है।
राहुल-प्रियंका की सभा का प्रत्याशियों को विशेष फायदा नहीं मिला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की सभा भागलपुर में हुई। लेकिन यहां एक भी सीट महागठबंधन के खाते में स्वीप नहीं करा पाए। उल्टे यहां महागठबंधन ने दो सीट गंवा दी। खगड़िया में भी सभा हुई लेकिन यहां भी दो सीट (एक कांग्रेस और एक राजद) हाथ से निकल गई। कटिहार में भी राहुल ने सभा की लेकिन यहां मात्र एक सीट मनिहारी ही बचा पाई। राहुल की सभा पूर्णिया में भी हुई। यहां कोई सीट महागठबंधन के खाते नहीं आईं। गैर एनडीए की जीत वाली दो सीटें एआईएमआईएम को मिली है। सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की सभा पूर्णिया, कटिहार, सोनबरसा और फारबिसगंज में हुईं लेकिन यहां कोई जादू नहीं चला।

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