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लखीसराय : मनरेगा में अनियमितता पर सख्ती, फर्जी जॉब कार्ड रोकने को ई-केवाईसी अनिवार्य

लखीसराय : मनरेगा में अनियमितता पर सख्ती, फर्जी जॉब कार्ड रोकने को ई-केवाईसी अनिवार्य

संक्षेप:

लखीसराय में मनरेगा योजनाओं में अनियमितता रोकने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया तेज की गई है। सभी जॉब कार्डधारियों का 15 जनवरी तक ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो जॉब कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। यह कदम फर्जी लाभार्थियों पर नियंत्रण और वास्तविक मजदूरों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है।

Dec 31, 2025 05:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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लखीसराय, एक प्रतिनिधि।मनरेगा योजनाओं में अनियमितता पर रोक लगाने और फर्जी जॉब कार्ड को समाप्त करने के उद्देश्य से जिले में ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बीवीजी रामजी मनरेगा योजना के अंतर्गत सरकार ने सभी जॉब कार्डधारियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी 15 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इसको लेकर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुमित कुमार ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं पंचायत रोजगार सेवकों (पीआरएस) को 10 जनवरी तक ई-केवाईसी कार्य हर हाल में पूर्ण करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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डीडीसी ने बताया कि इससे पहले जिले के सभी जॉब कार्डों को आधार कार्ड से लिंक करने का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में सभी पंचायतों में पीआरएस द्वारा जॉब कार्डधारियों का ई-केवाईसी कराया जा रहा है। जॉब कार्डधारियों से अपील की गई है कि वे अपना आधार कार्ड और जॉब कार्ड लेकर संबंधित पीआरएस कार्यालय में उपस्थित होकर शीघ्र ई-केवाईसी कराएं। प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि 15 जनवरी तक जिन जॉब कार्डों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उन्हें स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। इससे फर्जी लाभार्थियों पर लगाम लगेगी और वास्तविक मजदूरों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा। डीडीसी सुमित कुमार ने यह भी जानकारी दी कि बीवीजी रामजी योजना के तहत अब मजदूरों को 125 दिनों के कार्य की गारंटी दी जाएगी। साथ ही, मनरेगा की सभी योजनाओं को केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग केंद्र स्तर से हो सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और जरूरतमंद मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा।