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गिनी जा रही है यात्रियों की संख्या, बदली जाएगी स्टशनों की श्रेणी

गिनी जा रही है यात्रियों की संख्या, बदली जाएगी स्टशनों की श्रेणी

संक्षेप: हिन्दुस्तान विशेष फुटफॉल, आय के आधार पर तय होती है स्टेशनों की कटेगरी

Sat, 18 Oct 2025 01:48 AMNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। भागलपुर स्टेशन के श्रेणी (कटेगरी) में बदलाव के लिए ड्रोन से यात्रियों की संख्या (फुटफॉल) व आय का आकलन किया जा रहा है। सामान्य दिनों में इस स्टेशन पर प्रतिदिन 50 हजार की संख्या यात्री आवागमन करते हैं। टिकट बिकने की संख्या ऑनलाइन को छोड़कर 15 से 18 हजार प्रतिदिन होती है। त्योहार के समय यह बढ़कर यात्रियों और टिकट बिकने की संख्या में इजाफा हो जाता है। दरअसल, रेलवे स्टेशनों की श्रेणी का निर्धारण अब केवल वार्षिक आय पर निर्भर नहीं करता, बल्कि स्टेशन पर प्रतिदिन आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या (फुटफॉल) को भी समान महत्व दिया जाता है।

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पुराने वर्गीकरण में नई व्यवस्था एनएसजी -1 से एनएसजी -6 में यात्रियों की संख्या और आय दोनों के आधार पर स्टेशनों को श्रेणीबद्ध किया गया है। ड्रोन से हो रही है फुटफॉल की गिनती यात्रियों की संख्या (फुटफॉल) को सटीकता से दर्ज करने के लिए अब रेलवे द्वारा ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन की मदद से स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की गिनती की जा रही है। जिससे स्टेशन के वास्तविक उपयोग का सही डेटा प्राप्त हो रहा है। आधुनिक तकनीक सुनिश्चित करती है कि यात्रियों की संख्या के आधार पर स्टेशन को सही श्रेणी में रखा जाए। ताकि यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता को उसी हिसाब से बढ़ायी जा सके। श्रेणी बदलने से यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं स्टेशन का ग्रेड बदलने से यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार होगा। उच्च श्रेणी के स्टेशनों को बुनियादी ढांचे के विकास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिक फंड आवंटित किया जाता है। भागलपुर फिलहाल एनएसजी -2 श्रेणी के अंतर्गत आता है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार, लिफ्ट/एस्केलेटर, बेहतर प्रतीक्षालय, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और संरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को विस्तार देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण की कई योजनाएं भी चल रही हैं, जिनमें 7 प्लेटफॉर्म और 8 ट्रैक का प्रावधान शामिल है। कोट रेलवे स्टेशनों की श्रेणी का आकलन यात्रियों के आवागमन और आय के आलोक पर किया जाता है। इस मामले को लेकर सभी स्टेशनों का अध्ययन किया जा रहा है। आकलन के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। - दीप्तिमय दत्ता, सीपीआरओ, कोलकाता ।