मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जीवन सत्य, साहस और करुणा का प्रतीक: पंडित रविशंकर ठाकुर
गोशाला में श्री राम कथा का दूसरा दिन, राम के आदर्श जीवन का हुआ सजीव

भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। श्री राम कथा आयोजन समिति की ओर से गोशाला परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा एवं रामलीला के दूसरे दिन रविवार को प्रभु श्री राम की दिव्य गाथा का भावपूर्ण मंचन किया गया। कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन पुरुषार्थ, साहस और वीरता का प्रतीक है। उनका संपूर्ण जीवन सत्य, प्रेम, करुणा और मर्यादा के मार्ग पर चलकर लोक कल्याण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जहां संत हैं, वहां अनंत है और संतों के दुःख से स्वयं भगवान भी द्रवित हो जाते हैं। वहीं, कथा के उपरांत श्वेता सुमन द्वारा लिखित व निर्देशित श्री रामलीला के दूसरे दिन प्रभु राम के मानव अवतार के उद्देश्य, नैतिक जीवन और आदर्शों को मंचित किया गया।
अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मर्यादा पालन करते हुए प्रभु राम के जीवन प्रसंगों को दर्शाया गया। श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करना, गुरु विश्वामित्र का यज्ञ रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को साथ ले जाना, ताड़का, मारीच व सुबाहु वध तथा अहिल्या उद्धार जैसे प्रसंगों का सजीव मंचन हुआ। कार्यक्रम में डाक विभाग के पोस्टमास्टर जनरल मनोज कुमार, विनोद अग्रवाल, हरे कृष्ण खेतान, चिंटू अग्रवाल, डॉ. पंकज टंडन, विकास बुधिया, राजेश खेतान, बबीता अग्रवाल, बसंत जैन, खुशबू खेतान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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