
किशनगंज : स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम
किशनगंज में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बैठक आयोजित की। जिला पदाधिकारी विशाल राज ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक पहुंचें। परिवार नियोजन, टेलीमेडिसिन, और कुपोषण उपचार पर चर्चा की गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
किशनगंज, एक प्रतिनिधि। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार देर रात जिला पदाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई, जिसमेंस्वास्थ्य विभाग के सभी योजना एवं कार्यक्रमों की प्रगति, चुनौतियों, उपलब्धियों और आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर गहन विमर्श किया गया।बैठक की शुरुआत एक स्पष्ट संदेश के साथ हुई, जिसमें जिलाधिकारी ने कहा कि जिले का कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य व्यवस्था का हर घटक अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।बैठक
में सिविल सर्जन डॉ.राज कुमार चौधरी, डीपीएम डॉ.मुनाजिम डॉ. उर्मिला कुमारी, सीडीओ डॉ. मंजर आलम,डीआईओ डॉ. देवेंद्र कुमार,सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ.अनवर हुसैन सभी प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,एभी बीएचएम–बीसीएम एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। परिवार नियोजन कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि महिला नसबंदी, पुरुष नसबंदी, एमसीपी और अस्थायी विधियों की उपलब्धता एवं सेवा-प्रदान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या स्थिरता का उपाय नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का प्रमुख आधार है। इसलिए सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक दंपती को सुरक्षित विकल्पों तक समय पर पहुंच मिले और जन-जागरूकता निरंतर बढ़ाई जाए। बैठक में एचडब्लूस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टेलीमेडिसिन सेवाओं को हर एचडब्लूसी में सक्रिय रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल सेवाओं के माध्यम से जिला अस्पतालों के चिकित्सकों की विशेषज्ञ राय अब गांवों तक पहुंचाई जाए, जिससे मरीजों को अनावश्यक यात्रा से मुक्ति मिले। टेली-कंसल्टेशन ग्रामीण आबादी तक विशेषज्ञ सेवाओं को पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसे और गति देने की आवश्यकता है। बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की स्थिति पर चिंतन किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि एनआरसी में सभी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रहे और गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर भर्ती एवं उपचार मिले।उन्होंने कहा कि एनआरसी का प्रभावी संचालन ही बच्चों के कुपोषण पर रोक लगाने का सबसे मजबूत माध्यम है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा पोषण उपचार से वंचित न रह जाए।इसके अलावा दिए गए निर्देशों में जन्म के तुरंत बाद आवश्यक जांच, कंगारू मदर केयर, स्तनपान परामर्श और रेफरल सेवाएं हर संस्था और हर गांव में प्रभावी रूप से उपलब्ध कराई जाएं।टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि टीबी जांच, नोटिफिकेशन और उपचार प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है।सभी प्रखंडों में स्क्रीनिंग की रफ्तार बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि गैर संचारी रोगों की समय पर पहचान से गंभीर जटिलताओं और मृत्यु दर में स्पष्ट कमी लाई जा सकती है। बैठक के समापन पर जिलाधिकारी विशाल राज ने स्पस्ट कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर पंचायत, हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचे।उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की गति केवल कागज पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए, और प्रत्येक कार्यक्रम की मॉनिटरिंग समयबद्ध रूप से की जाए।

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