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31 मार्च, 2020|12:07|IST

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श्रद्धालुओें ने की दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा

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चैती नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की। बूढ़ानाथ मंदिर, बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर, मानिकपुर दुर्गा मंदिर, तिलकामांझी स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में पंडितों ने पूजा-पाठ की। इसके साथ घरों में श्रद्धालुओं ने दुर्गा पाठ किया। कोरोना वायरस के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओें की पूजा पर रोक लगा दी गयी है। सुरक्षा के मद्देनजर कई मंदिरों में घेराबंदी कर दी गयी है।

जगन्नाथ मंदिर के पुजारी सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि मां को खीर, मिश्री व पंचामृत का भोग लगाया। नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों का पूजा करने का विधान है। गुरुवार को दुर्गा जी के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा हुई। उन्होंने बताया कि ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर शंकर भगवान इनके पति बने।

मान्यता है कि जिस कन्या का विवाह नहीं हो रहा है उनको मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से उनका विवाह जल्द हो जाता है। इसके साथ बसंत ऋतु का पहला फसल कलश स्थापना के समय मिट्टी में जो को बोया जाता है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सभी प्रकार के कल्याण तथा विजय की प्राप्ति होती है। उधर संकट मोचन दरबार के पुजारी चंद्रशेखर झा ने बताया कि कोरोना वायरस व लॉक डाउन की वजह से सभी मंदिरों में शांतिपूर्वक ढंग से पूजा हो रही है।

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  • Web Title:Devotees worship Brahmacharini in another form